
Entertainment News: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के मुंबई स्थित जुहू बंगले में किए गए कथित अनधिकृत निर्माण पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कार्रवाई की है। नगर निगम की टीम ने बंगले के अंदर बिना जरूरी अनुमति किए गए निर्माण और बदलावों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई निर्माण कार्य रोकने के लिए पहले नोटिस जारी किए जाने और निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने के बाद की गई।
मामला कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी का है, जहां जेवीएनपी स्कीम, एनएस रोड नंबर 11 के प्लॉट एस-10 पर करीब 7,802 वर्ग फुट में बना बंगला स्थित है। निर्माण में जरूरी मंजूरी नहीं लिए जाने को लेकर बीएमसी और सोसाइटी की ओर से आपत्ति जताई गई थी।
नोटिस के बाद भी जारी रहा निर्माण, BMC ने की कार्रवाई
बीएमसी के मुताबिक, बंगले के अंदर सिपोरेक्स ब्लॉक का इस्तेमाल करके दीवारों, खिड़कियों और अन्य ढांचागत हिस्सों में बदलाव किए जा रहे थे। इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इस मामले में बीएमसी के बिल्डिंग प्रपोजल विभाग ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई महानगरपालिका अधिनियम, 1888 की धारा 354A के तहत काम रोकने का नोटिस जारी किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, देवगन परिवार की ओर से जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया था। हालांकि, तय समय सीमा बीतने के बाद भी जरूरी दस्तावेज या जवाब जमा नहीं किए गए। इसके बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कथित अनधिकृत निर्माण को हटाने की कार्रवाई की।
बंगले को सैलून और स्पा के लिए लीज पर देने से शुरू हुआ विवाद
इस मामले में विवाद की एक प्रमुख वजह बंगले का प्रस्तावित व्यावसायिक इस्तेमाल भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अगस्त 2026 को देवगन परिवार ने यह बंगला फ्लोरियन हुरेल सैलून्स प्राइवेट लिमिटेड को पांच साल के लिए लीज पर दिया था। इस सौदे की कुल कीमत 10.61 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि शुरुआती मासिक किराया 16 लाख रुपये तय किया गया था।
योजना के तहत बंगले में सैलून और स्पा शुरू किया जाना था। हालांकि, आवासीय सोसाइटी के कुछ निवासियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होने से यातायात, पार्किंग और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
Ajay Devgn: अजय देवगन के जुहू बंगले में निर्माण पर BMC की कार्रवाई, नोटिस के बावजूद जारी था काम
सोसाइटी ने भी उठाए थे सवाल, BMC से की थी शिकायत
सोसाइटी के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को वीणा वीरेंद्र देवगन और अजय (विशाल) देवगन को बंगला किराए पर देने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) दिया गया था। सोसाइटी का दावा है कि यह अनुमति केवल लीव-एंड-लाइसेंस व्यवस्था के तहत बंगला किराए पर देने के लिए थी। इसमें व्यावसायिक गतिविधियां चलाने या इमारत के ढांचे में बदलाव करने की अनुमति शामिल नहीं थी।
सोसाइटी ने देवगन परिवार से निर्माण और प्रस्तावित व्यावसायिक इस्तेमाल से संबंधित वैध मंजूरियां दिखाने को कहा था। इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया था। सोसाइटी का कहना है कि निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने के बाद उसने 8 सितंबर 2026 को बीएमसी से शिकायत की।
शिकायत में महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम, 1966 की धारा 43 और 52 से 54 के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम की कार्रवाई हुई। फिलहाल, इस मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, बीएमसी की कार्रवाई का मुख्य आधार बंगले में बिना जरूरी अनुमति किए गए निर्माण और ढांचागत बदलाव हैं।



