
Induction Geyser: सर्दियों में गर्म पानी की जरूरत बढ़ने के साथ घरों में वॉटर हीटर का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है। अब तक ज्यादातर लोग ऐसे इलेक्ट्रिक गीजर का इस्तेमाल करते आए हैं, जिनमें हीटिंग एलिमेंट गर्म होकर पानी का तापमान बढ़ाता है। लेकिन इंडक्शन गीजर इसी काम के लिए एक अलग तकनीक का इस्तेमाल करता है।
इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड की मदद से गर्मी पैदा की जाती है और फिर उस गर्मी को पानी तक पहुंचाया जाता है। यही वजह है कि इसे पारंपरिक हीटिंग रॉड वाले गीजर से अलग माना जाता है। हालांकि, इसकी वास्तविक कार्यप्रणाली इस्तेमाल किए गए डिजाइन और मॉडल पर निर्भर करती है।
इंडक्शन गीजर के अंदर कैसे बनती है गर्मी?
इंडक्शन गीजर की तकनीक को समझने के लिए इंडक्शन चूल्हे का उदाहरण लिया जा सकता है। इस तरह की व्यवस्था में इलेक्ट्रिक कॉइल से बदलता हुआ चुंबकीय क्षेत्र बनाया जाता है। इससे उपयुक्त धातु वाले हीटिंग हिस्से में गर्मी पैदा हो सकती है।
इसके बाद यह गर्मी पानी तक पहुंचती है और उसका तापमान बढ़ने लगता है। यानी सामान्य गीजर की तरह पानी को सीधे गर्म करने वाले पारंपरिक एलिमेंट के बजाय इसमें इंडक्शन आधारित हीटिंग सिस्टम काम करता है।
ऐसे उपकरण में कॉइल, कंट्रोल सर्किट, तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम और पानी गर्म करने की व्यवस्था जैसे हिस्से हो सकते हैं। हालांकि, हर मॉडल का डिजाइन एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।
सामान्य गीजर और इंडक्शन मॉडल में क्या अंतर?
दोनों उपकरणों का उद्देश्य पानी गर्म करना है, लेकिन गर्मी पैदा करने और पानी तक पहुंचाने का तरीका अलग हो सकता है।
- पारंपरिक इलेक्ट्रिक गीजर: इसमें इलेक्ट्रिक हीटिंग एलिमेंट गर्म होता है और उससे पानी का तापमान बढ़ता है।
- इंडक्शन गीजर: इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन के जरिए हीटिंग हिस्से में गर्मी पैदा की जाती है, जिसे पानी तक पहुंचाया जाता है।
- रखरखाव: सामान्य गीजर में पानी के मिनरल्स हीटिंग एलिमेंट पर जम सकते हैं। इंडक्शन आधारित डिजाइन में हीटिंग हिस्से के सीधे पानी के संपर्क में न होने पर इस तरह की स्केलिंग कम हो सकती है।
- बिजली की खपत: दोनों की खपत क्षमता, पावर रेटिंग, तापमान, इंसुलेशन और कुल दक्षता पर निर्भर करती है।
इसलिए सिर्फ तकनीक का नाम देखकर किसी एक मॉडल को बेहतर मानना सही नहीं होगा। उसके वास्तविक प्रदर्शन और निर्माता की ओर से दी गई जानकारी को देखना जरूरी है।
क्या इंडक्शन गीजर में स्केलिंग की समस्या नहीं होती?
सामान्य गीजर में पानी के भीतर मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स गर्म सतह पर जमा हो सकते हैं। समय के साथ इस परत को स्केलिंग कहा जाता है। ज्यादा जमाव होने पर गर्मी के स्थानांतरण पर असर पड़ सकता है और उपकरण की कार्यक्षमता घट सकती है।
यदि इंडक्शन गीजर का हीटिंग हिस्सा पानी के सीधे संपर्क में नहीं आता, तो उस हिस्से पर पारंपरिक हीटिंग एलिमेंट जैसी स्केलिंग की समस्या कम हो सकती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरे उपकरण में मिनरल्स जमने या रखरखाव की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाती है।
टैंक, पाइप और पानी के संपर्क में आने वाले दूसरे हिस्सों की सफाई तथा देखभाल फिर भी जरूरी हो सकती है।
क्या इससे बिजली का बिल कम आएगा?
इंडक्शन तकनीक को लेकर एक सवाल यह भी है कि क्या इससे बिजली की बचत होती है। इसका जवाब किसी एक नियम से नहीं दिया जा सकता।
बिजली की खपत इस बात पर निर्भर करती है कि कितने लीटर पानी गर्म किया जा रहा है, शुरुआती तापमान कितना है, पानी को कितने तापमान तक पहुंचाना है और उपकरण कितनी कुशलता से ऊर्जा को गर्मी में बदलता है।
यदि किसी इंडक्शन मॉडल की वास्तविक दक्षता बेहतर है, तो वह समान परिस्थितियों में लाभ दे सकता है। लेकिन यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर इंडक्शन गीजर सामान्य इलेक्ट्रिक गीजर की तुलना में कम बिजली खर्च करेगा।
खरीदारी से पहले दोनों मॉडलों की पावर रेटिंग, पानी गर्म करने में लगने वाला समय और उपलब्ध दक्षता संबंधी आंकड़ों की तुलना करना बेहतर रहेगा।
सुरक्षा के मामले में किन बातों का रखें ध्यान?
इंडक्शन आधारित हीटिंग में इलेक्ट्रिक हीटिंग हिस्से और पानी के बीच सीधा संपर्क न होने से कुछ जोखिम कम हो सकते हैं, लेकिन उपकरण पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं हो जाता। खराब वायरिंग, अर्थिंग की कमी, पानी का रिसाव या खराब इलेक्ट्रॉनिक सर्किट किसी भी इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर में खतरा पैदा कर सकते हैं।
इसलिए गीजर खरीदते समय ओवरहीटिंग प्रोटेक्शन, तापमान नियंत्रण, प्रेशर रिलीज वाल्व और निर्माता की ओर से दिए गए सुरक्षा फीचर्स की जांच करें। इंस्टॉलेशन प्रशिक्षित तकनीशियन से कराएं और घर की वायरिंग तथा अर्थिंग की स्थिति भी सही रखें।
नया गीजर खरीदने से पहले क्या जांचें?
यदि आप सर्दियों से पहले नया वॉटर हीटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल इंडक्शन तकनीक के नाम पर फैसला न लें। इन बातों पर ध्यान दें:
- क्षमता: परिवार के सदस्यों और गर्म पानी की जरूरत के मुताबिक लीटर क्षमता चुनें।
- पावर रेटिंग: देखें कि उपकरण की बिजली संबंधी जरूरत आपके घर की वायरिंग के अनुकूल है या नहीं।
- ऊर्जा दक्षता: निर्माता के तकनीकी आंकड़ों और उपलब्ध ऊर्जा-दक्षता संबंधी जानकारी की तुलना करें।
- सुरक्षा फीचर्स: ओवरहीटिंग सुरक्षा, सही अर्थिंग और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं जांचें।
- वारंटी और सर्विस: आपके शहर में अधिकृत सर्विस सेंटर, स्पेयर पार्ट्स और वारंटी की उपलब्धता देखें।
तकनीक से ज्यादा अहम है सही मॉडल का चुनाव
इंडक्शन गीजर पानी गर्म करने की एक अलग तकनीक पेश करता है। इसमें हीटिंग प्रक्रिया पारंपरिक इलेक्ट्रिक एलिमेंट से अलग हो सकती है और कुछ डिजाइन में स्केलिंग की समस्या कम होने की संभावना रहती है।
लेकिन बिजली की बचत, पानी गर्म करने की गति और लंबे समय तक चलने की क्षमता का फैसला केवल तकनीक के नाम से नहीं किया जा सकता। सही विकल्प चुनने के लिए मॉडल की दक्षता, क्षमता, सुरक्षा और रखरखाव की जरूरतों की तुलना करना सबसे उपयोगी तरीका है।
written by Siddhi Srivastava



