Sanjay Singh: यूपी में कांग्रेस-सपा के बीच सीटों को लेकर खींचतान? संजय सिंह बोले- अखिलेश पर बढ़ाया जा रहा दबाव

Sanjay Singh: आप सांसद ने कांग्रेस की रणनीति पर उठाए सवाल, कहा- उसके बयानों से लगता है कि बीजेपी के बजाय सहयोगी दलों से ही मुकाबला कर रही है

Sanjay Singh:  उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों और चुनावी रणनीति को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के हालिया बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि उसका राजनीतिक टकराव बीजेपी के बजाय अपने ही सहयोगी दलों के साथ ज्यादा है।

संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की ओर से कभी 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है तो कभी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने जैसे बयान सामने आते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस आखिर किसके खिलाफ चुनावी तैयारी कर रही है।

सीटों के बयानों पर संजय सिंह ने उठाए सवाल

आप सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन है, ऐसे में सीटों को लेकर बार-बार अलग-अलग दावे गठबंधन के भीतर असमंजस की स्थिति पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसका मुख्य राजनीतिक मुकाबला किससे है। संजय सिंह के मुताबिक, कांग्रेस के बयानों से ऐसा संदेश जा रहा है कि वह बीजेपी के बजाय सपा के साथ ज्यादा राजनीतिक खींचतान में दिखाई दे रही है।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा पहले से जारी है। हालिया रिपोर्टों में दोनों दलों के बीच सीटों और गठबंधन की शर्तों को लेकर मतभेदों का भी उल्लेख किया गया है।

बिहार का उदाहरण देकर कांग्रेस पर साधा निशाना

संजय सिंह ने अपने बयान में बिहार की राजनीति का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वहां भी सीटों को लेकर अपने सहयोगी दल के साथ इसी तरह की स्थिति पैदा की थी।

उन्होंने तेजस्वी यादव का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने पहले भी सीटों को लेकर सहयोगी दलों पर दबाव बनाया और चुनावी परिणाम सामने आने के बाद उसका असर दिखाई दिया। यह संजय सिंह का राजनीतिक आकलन है।

‘सहयोगी दलों के खिलाफ नहीं, बीजेपी से मुकाबला होना चाहिए’

आप सांसद ने कहा कि विपक्षी दलों के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर वे एक साथ सरकार का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियों का भी उल्लेख किया।

संजय सिंह ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर विपक्षी दलों को आपसी तालमेल के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों में कई बार उसके सहयोगी दलों के खिलाफ ज्यादा बयानबाजी दिखाई देती है।

हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस बयान पर तत्काल प्रतिक्रिया इस खबर के आधार पर उपलब्ध नहीं है।

INDIA ब्लॉक की बैठक में AAP शामिल नहीं होगी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित है। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 29 सितंबर को हुई, जबकि INDIA ब्लॉक की बैठक अगले दिन रखी गई है।

इस बैठक को लेकर संजय सिंह ने साफ किया कि आम आदमी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इसलिए उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि AAP ने पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और ऐसे में बैठक में शामिल होने का सवाल नहीं उठता।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई पर AAP का रुख

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव से जुड़े सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पहले ही इस संबंध में हस्ताक्षर कर चुकी है।

उन्होंने कहा कि यदि संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इम्पीचमेंट मोशन लाया जाता है और उस पर कोई कार्रवाई होती है, तो आम आदमी पार्टी विपक्षी दलों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर अपनी भूमिका निभाएगी।

यूपी चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति पर बढ़ा फोकस

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल के दिनों में पार्टी के चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया है, वहीं कांग्रेस भी प्रदेश में चुनावी गतिविधियां बढ़ा रही है।

ऐसे माहौल में दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर आने वाले बयानों पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। संजय सिंह के ताजा बयान ने इस बहस को और चर्चा में ला दिया है कि विपक्षी दल उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव के लिए आपसी तालमेल किस तरह तय करते हैं।

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