
Yuvraj Manchanda: हरियाणा के चर्चित युवराज मंचंदा हत्याकांड में साकेत कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने सवाल उठाया कि शव की पहचान और कानूनी जांच की प्रक्रिया पूरी होने से पहले उसका अंतिम संस्कार कैसे कर दिया गया। कोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान युवराज की बहन हरसिमरन की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि शव को अज्ञात मानकर जला दिया गया। इतना ही नहीं, अंतिम संस्कार स्थल से जली हुई घड़ी और कड़ा भी बरामद होने की बात कही गई। इस पर अदालत ने पूछा कि शव के साथ व्यक्तिगत सामान कैसे जला दिया गया और निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।
कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि 10 सितंबर को अज्ञात शव मिलने के बाद मजिस्ट्रेट या एसडीएम को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई। अदालत के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में यह एक अनिवार्य प्रक्रिया होती है।
वहीं, ZIPNET पोर्टल पर शव की जानकारी अपलोड करने में देरी को लेकर भी कोर्ट ने सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि यदि अज्ञात शव की पहचान के लिए यह व्यवस्था मौजूद है, तो इसका उपयोग समय पर क्यों नहीं किया गया।
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्टों के बीच कथित विरोधाभास भी अदालत की चिंता का विषय बना। एक रिपोर्ट में गोली लगने का उल्लेख था, जबकि दूसरी में मौत का कारण दम घुटना बताया गया। कोर्ट ने पूछा कि एक ही मामले में ऐसी अलग-अलग रिपोर्ट कैसे सामने आ सकती हैं।
अदालत ने टिप्पणी की कि इन कथित लापरवाहियों के कारण मृतक के परिवार को अपने भाई की अंतिम रस्में निभाने का अवसर तक नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि परिवार को केवल अपने प्रियजन को खोने का दुख नहीं झेलना पड़ा, बल्कि अंतिम विदाई का अधिकार भी प्रभावित हुआ।
युवराज की बहन ने अदालत में याचिका दाखिल कर मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री को सुरक्षित रखने की मांग की है। कोर्ट ने इस आवेदन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, युवराज मंचंदा 6 सितंबर को लापता हुए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उनकी पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। दोनों आरोपियों को बाद में उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच जारी है और अदालत ने पुलिस की भूमिका पर विस्तृत जवाब तलब किया है।
written by Siddhi Srivastava



