
On PM Modi’s Birthday-समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार अब राज्यों में भी आगे बढ़ने की तैयारी में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया है कि वर्ष 2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को लेकर भाजपा ने बड़े स्तर पर सेवा अभियान की योजना बनाई है।
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इस अवसर पर इस बार देशभर में करीब एक महीने तक सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा ने अभियान का नाम ‘सेवा संकल्प अभियान’ रखा है। यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा।
एक महीने तक चलेंगे सेवा कार्यक्रम
अमित शाह के मुताबिक, इस बार प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों को केवल भाजपा तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अभियान में भाजपा के सहयोगी दलों के अलावा एनडीए से जुड़े संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक भी भाग ले सकेंगे।
इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा गतिविधियां आयोजित करने की योजना है। अभियान के जरिए संगठन को समाज के विभिन्न वर्गों से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
पहले ‘सेवा सप्ताह’ के तौर पर होता था आयोजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा पहले भी सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रही है। गुजरात से शुरू हुई यह परंपरा बाद में देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंची। कई वर्षों तक 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा कार्यक्रम चलाए गए।
इस बार कार्यक्रम की अवधि को बढ़ाकर करीब एक महीने कर दिया गया है। इसके पीछे प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन की लंबी यात्रा को भी प्रमुखता से सामने रखना है।
7 अक्टूबर को पूरे होंगे जनसेवा के 25 साल
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन से जुड़े एक महत्वपूर्ण पड़ाव का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होंगे।
शाह ने कहा कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसी वजह से इस वर्ष का सेवा अभियान सामान्य जन्मदिन कार्यक्रम से अलग महत्व रखता है।
हर जिले से लेकर बूथ स्तर तक पहुंचेगा अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ को देशव्यापी स्वरूप देने की तैयारी है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों को कार्यक्रम से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
अभियान को जिला स्तर तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा। पार्टी की योजना इसे लोकसभा क्षेत्र, विधानसभा क्षेत्र और पोलिंग बूथ तक ले जाने की है। इस तरह स्थानीय स्तर पर भी सेवा गतिविधियों के आयोजन पर जोर रहेगा।
यूसीसी पर भी भाजपा का फोकस
इसी बीच समान नागरिक संहिता को लेकर अमित शाह के बयान ने भाजपा के एजेंडे को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। संकेत दिया गया है कि 2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
यूसीसी भाजपा के प्रमुख नीतिगत मुद्दों में शामिल रहा है। उत्तराखंड में इसे लागू किए जाने के बाद दूसरे राज्यों में भी इसे लेकर चर्चा तेज हुई है। अब भाजपा शासित राज्यों में इसे आगे बढ़ाने की तैयारी के संकेत दिए गए हैं।
एक ओर यूसीसी को लेकर राज्यों में पहल बढ़ाने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को केंद्र में रखते हुए सेवा अभियान की तैयारी है। आने वाले महीनों में ये दोनों मुद्दे भाजपा की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



