UP: सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में हाईकोर्ट की बड़ी राहत, 6.41 करोड़ की वसूली पर रोक; सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब, मस्जिद कमेटी की याचिका पर 12 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

UP:उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विवादित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और प्रशासन से जवाब मांगा है। साथ ही मस्जिद कमेटी से 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख तय की है।

न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल मस्जिद कमेटी से भारी भरकम रकम की वसूली पर रोक रहेगी।

सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ था विवाद

पूरा विवाद सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक धार्मिक ढांचे की जमीन को लेकर है। प्रशासन के मुताबिक, यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में कलेक्ट्रेट परिसर की संपत्ति का हिस्सा है। मार्च 2025 में शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने मामले की जांच शुरू की थी।

प्रशासन का दावा था कि कलेक्ट्रेट परिसर की करीब 315 वर्ग मीटर जमीन, जिसका खसरा नंबर 539 है, पर बने ढांचे के लिए वैध अनुमति नहीं ली गई थी। अधिकारियों के अनुसार यह जमीन पहले पुरानी विश्रामशाला के लिए इस्तेमाल होती थी और बाद में यहां धार्मिक ढांचा खड़ा कर दिया गया।

वहीं मस्जिद कमेटी की ओर से अलग दावा किया गया। कमेटी का कहना था कि मस्जिद काफी पुरानी है और यह संपत्ति वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज है। इसी जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता को लेकर विवाद अदालतों तक पहुंचा।

सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ पहुंची थी कमेटी

मामले में 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने ढांचे को लेकर बेदखली का आदेश पारित किया था। इसके साथ ही मस्जिद कमेटी से करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश भी दिया गया।

इस फैसले के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने जिला जज की अदालत का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, 2 सितंबर 2026 को जिला अदालत ने कमेटी की अपील खारिज कर दी और सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा।

इसके बाद मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर निचली अदालतों के आदेश को चुनौती दी। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

5 सितंबर की रात हुई थी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

मामले में प्रशासन की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। 5 सितंबर की देर रात से 6 सितंबर की सुबह के बीच कलेक्ट्रेट परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने परिसर के मुख्य द्वारों को बंद कर सुरक्षा बल तैनात किए और बुलडोजर की मदद से विवादित ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के बाद मस्जिद कमेटी ने इसे चुनौती दी। कमेटी की ओर से आरोप लगाया गया कि पर्याप्त नोटिस और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना ध्वस्तीकरण किया गया। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।

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अब 12 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने फिलहाल 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।

अदालत के ताजा आदेश से मस्जिद कमेटी को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, लेकिन इससे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। जमीन के स्वामित्व, निर्माण की वैधता, प्रशासनिक कार्रवाई और क्षतिपूर्ति वसूली से जुड़े सभी पहलुओं पर आगे सुनवाई होगी।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। उस दिन सरकार और प्रशासन की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब के बाद विवाद से जुड़े कानूनी पहलुओं पर अदालत में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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