
Pratapgarh News-उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत श्रमिकों के परिजनों को श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया गया। प्रतापगढ़ जिले के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर कार्यरत रहे चार श्रमिकों की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
मृतक श्रमिकों में बजरंग बहादुर यादव, राजकिशोर पाल, राजेश कुमार और प्रमोद कुमार शामिल हैं। इनमें दुर्घटना में जान गंवाने वाले स्वर्गीय बजरंग बहादुर यादव और राजकिशोर पाल के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी गई। वहीं राजेश कुमार और प्रमोद कुमार के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की सावधि जमा कराई गई।
10 सितंबर 2024 को पलटन बाजार स्थित श्रम कार्यालय में सहायक श्रम आयुक्त मोहम्मद अब्बास ने स्वर्गीय राजेश कुमार की पत्नी श्रीमती रेणु देवी और स्वर्गीय प्रमोद कुमार की पत्नी श्रीमती रंजना देवी को दो-दो लाख रुपये की सावधि जमा से संबंधित अभिलेख सौंपे। इस दौरान उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण मजदूर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं श्रमिक नेता हेमन्त नन्दन ओझा भी मौजूद रहे।
सहायता मिलने के बाद मृतक श्रमिकों के परिजनों ने श्रम विभाग के अधिकारियों और श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों के प्रति आभार जताया। परिजनों ने कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को कठिन समय में काफी राहत मिलेगी।
श्रमिक नेता हेमन्त नन्दन ओझा ने कहा कि संबंधित श्रमिकों की मृत्यु करीब पांच वर्ष पहले हो गई थी। उस समय उनके परिवारों को योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका था। संगठन की ओर से लगातार प्रयास किए जाने के बाद अब पात्र परिवारों तक हितलाभ पहुंच सका है।
उन्होंने सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।
40 प्रकार के निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों के लिए योजना
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत निर्माण और उससे जुड़े करीब 40 प्रकार के कार्यों में लगे श्रमिकों का पंजीयन किया जाता है। पात्र श्रमिकों को नियमानुसार अपना पंजीयन कराने के साथ प्रत्येक वर्ष निर्धारित अंशदान भी जमा करना होता है।
पंजीकृत श्रमिक बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्रता के अनुसार लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
श्रमिक संगठनों का कहना है कि पात्र श्रमिक परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना जरूरी है, ताकि किसी दुर्घटना या असामयिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
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रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाईटेड भारत



