धरना स्थल पर प्रशासन की रोक के बाद सड़क पर उतरे अभ्यर्थी,
11 हजार से काम नहीं, 60 हजार से कम नहीं चाहिए भर्ती
अध्यापक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितता और नए आधार पर परीक्षा कराए जाने के विरोध में अध्यापक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने लोहिया मार्ग पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रशासन की ओर से धरना स्थल पर रोक लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर जुट गए और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान तेज बारिश भी छात्रों के हौसले को नहीं डिगा सकी। छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। बारिश लगातार तेज होती रही, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से अध्यापक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के सामने उम्र निकलने का संकट खड़ा हो गया है।

2018 के बाद भर्ती का इंतजार
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से अब तक अध्यापक भर्ती नहीं आई है। कई वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी लगातार तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती नहीं निकलने के कारण उनके सामने नौकरी के अवसर कम होते जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती में देरी का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है, जिनकी उम्र सरकारी नौकरी की निर्धारित सीमा के करीब पहुंच रही है या निकल रही है।
11 हजार पदों की चर्चा पर भी नाराजगी
अभ्यर्थियों ने सरकार की ओर से प्रस्तावित करीब 11 हजार अध्यापक पदों की भर्ती को लेकर भी असंतोष जताया। छात्रों का कहना है कि इतनी कम संख्या में पद जारी करने से बड़ी संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पाएगा। उनका तर्क है कि वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं को पर्याप्त संख्या में पद दिए जाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जोरदार नारा लगाया 11 हजार से काम नहीं, 60 हजार से कम नहीं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को कम से कम 60 हजार पदों पर अध्यापक भर्ती निकालनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके। छात्रों ने कहा कि यदि केवल 11 हजार पदों पर भर्ती निकाली जाती है तो यह वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने सरकार से अध्यापक भर्ती में पारदर्शिता बरतने, परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर स्पष्ट स्थिति सामने रखने और बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। तेज बारिश के बीच जारी प्रदर्शन से साफ रहा कि अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। छात्रों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी



