
प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र के बदौवा पाल गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। खेत की जुताई कर अपने घर लौट रहे 19 वर्षीय युवक की ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई। सबसे दुखद बात यह रही कि यह हादसा उसके घर से महज 50 मीटर पहले हुआ। परिवार अपने बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद उसकी मौत की खबर पहुंच गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान बदौवा पाल गांव निवासी आशीष सिंह (19) पुत्र पिंटू सिंह के रूप में हुई है। बताया गया कि आशीष शनिवार को अपने ट्रैक्टर से खेत की जुताई करने गया था। शाम करीब पांच बजे खेती का काम पूरा करने के बाद वह ट्रैक्टर लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में घर से करीब 50 मीटर पहले एक मोड़ पर पहुंचते ही ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया। इससे पहले कि वह खुद को संभाल पाता, ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया और आशीष उसके नीचे दब गया।
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए ट्रैक्टर को सीधा करने और उसके नीचे फंसे आशीष को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। ग्रामीणों ने तत्काल निजी वाहन की व्यवस्था कर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोरांव पहुंचाया।
अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद आशीष को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की यह सूचना मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटे की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां बिटोला देवी बेसुध होकर गिर पड़ीं। अस्पताल परिसर में मौजूद अन्य परिजनों और ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बताया जा रहा है कि आशीष अपने परिवार का बड़ा बेटा था। वह खेती-किसानी के काम में पिता का हाथ बंटाता था और ट्रैक्टर चलाकर खेतों की जुताई सहित अन्य कृषि कार्य करता था। परिवार को उससे कई उम्मीदें थीं, लेकिन एक पल में हुए इस हादसे ने उन सभी उम्मीदों को खत्म कर दिया। गांव के लोगों के अनुसार आशीष मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था, इसलिए उसकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
हादसे के बाद परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव को घर ले गए। हालांकि घटना की जानकारी स्थानीय लोगों के माध्यम से पुलिस तक पहुंची। गांव में देर रात तक लोगों का तांता लगा रहा और हर कोई शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाता नजर आया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर कृषि कार्य के दौरान ट्रैक्टर चलाते समय सतर्कता और सुरक्षित संचालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मोड़ पर हादसा हुआ, वहां पहले भी छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम और सड़क की स्थिति सुधारने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई युवा आशीष की असमय मौत से स्तब्ध है।



