
अमरावती/मैसूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के दौरे के दौरान विकास, बुनियादी ढांचे और युवाशक्ति को केंद्र में रखते हुए कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य उसकी युवा शक्ति तय कर रही है और यही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा राष्ट्र को समर्पित
प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, भोगपुरम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र के विकास का नया रनवे साबित होगा और पर्यटन, उद्योग, व्यापार तथा रोजगार को नई गति देगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट की पहले चरण में सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 4 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक किया जाएगा। यहां से नियमित उड़ानों का संचालन 17 अगस्त से शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम जारी है और 70 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
मैसूर में विवेक स्मारक का उद्घाटन
कर्नाटक के मैसूर में प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसका सबसे बड़ा श्रेय देश के युवाओं को जाता है।
उन्होंने कहा कि भारत स्टार्टअप, मोबाइल निर्माण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय युवाओं की प्रतिभा देश को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में ले जा रही है।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाशक्ति को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति मानते थे। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, समाज सेवा और गरीबों के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में भारतीय युवाओं द्वारा विकसित निजी रॉकेट का सफल प्रक्षेपण इस बात का प्रमाण है कि भारत का युवा विज्ञान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
एयरपोर्ट नामकरण की बदली परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले देश के अधिकांश हवाई अड्डों के नाम एक ही परिवार तक सीमित रहते थे, लेकिन उनकी सरकार ने इस परंपरा को बदलते हुए महान विभूतियों के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण किया है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि, पंजाब के एक हवाई अड्डे का नाम संत रविदास और भोगपुरम एयरपोर्ट का नाम स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है, ताकि नई पीढ़ी देश के महान नायकों से प्रेरणा ले सके।
जनजातीय संस्कृति की भी सराहना
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा करते हुए ढिमसा नृत्य की विश्व रिकॉर्ड प्रस्तुति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकास और सांस्कृतिक विरासत साथ-साथ आगे बढ़ें, यही विकसित भारत की पहचान है।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में निवेश, रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा होंगे।



