
Enternational News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। ट्रंप प्रशासन ने कनाडा से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाने का फैसला किया है। यह नया आयात शुल्क 19 अगस्त 2026 से लागू होगा। अमेरिका का कहना है कि यह कदम अपने व्यापारियों, किसानों और उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव पहले से ही कई मुद्दों को लेकर बना हुआ है। नए टैरिफ से अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में और खिंचाव आने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप सरकार ने क्यों लगाया 50% टैरिफ?
व्हाइट हाउस के अनुसार, कनाडा लंबे समय से अमेरिकी उत्पादों के साथ समान व्यवहार नहीं कर रहा था। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कनाडा में अमेरिकी कारों, डेयरी उत्पादों और शराब के कारोबार पर कई तरह की पाबंदियां और नियम लागू किए गए, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नए टैरिफ का उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों को बराबरी का अवसर देना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।
किस कानून के तहत लिया गया फैसला?
इस फैसले के लिए ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 का इस्तेमाल किया है। इसी प्रावधान के तहत राष्ट्रपति को ऐसे देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का अधिकार मिलता है, जिन पर व्यापारिक भेदभाव का आरोप हो।
सरकार के अनुसार, नया टैरिफ 19 अगस्त 2026 से प्रभावी हो जाएगा।
किन उत्पादों पर पड़ेगा असर?
नए टैरिफ के दायरे में कई प्रमुख कनाडाई उत्पाद शामिल किए गए हैं, जिनमें—
- वाइन और अन्य शराब उत्पाद
- हॉकी स्टिक और खेल सामग्री
- सीमेंट और निर्माण सामग्री
इन वस्तुओं पर अमेरिका में आयात के समय 50 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
किन चीजों को मिली छूट?
ट्रंप प्रशासन ने कुछ जरूरी उत्पादों को नए टैरिफ से बाहर रखा है ताकि उद्योगों और आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर न पड़े।
इनमें शामिल हैं—
- बिजली और ऊर्जा से जुड़े उत्पाद
- पोटाश (उर्वरक उद्योग के लिए)
- औद्योगिक खनिज
- समुद्री खाद्य (Sea Food)
इन वस्तुओं पर नया टैरिफ लागू नहीं होगा।
पहले से भी जारी है व्यापारिक तनाव
अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ विवाद कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी अमेरिका कनाडा के स्टील, एल्युमिनियम, तांबा, सॉफ्टवुड लकड़ी और ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अलग-अलग दरों से आयात शुल्क लगा चुका है।
वहीं कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी स्टील, एल्युमिनियम और कुछ वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया हुआ है। ऐसे में नया फैसला दोनों देशों के बीच चल रही व्यापारिक तनातनी को और बढ़ा सकता है।
क्या पड़ सकता है असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होने से कनाडाई उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो सकते हैं। इसका असर दोनों देशों के कारोबार, सप्लाई चेन और कुछ उद्योगों की लागत पर भी पड़ सकता है।
अगर आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो यह व्यापारिक विवाद और व्यापक रूप ले सकता है।



