
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को लेकर जारी जांच के बीच बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व वादी इकबाल अंसारी का बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी की घटना निश्चित रूप से दुखद है, लेकिन राहत की बात यह है कि मामले में आरोपी पकड़े गए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई। उनके मुताबिक, इसी वजह से अयोध्या और भगवान राम के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था आज भी पहले की तरह कायम है।
इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या केवल भगवान राम की नगरी ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान का प्रतीक भी है। उनका कहना था कि किसी भी धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण होती है, लेकिन यदि कानून तेजी से कार्रवाई करे तो लोगों का विश्वास बना रहता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु आज भी अयोध्या पहुंच रहे हैं और रामलला के दर्शन कर रहे हैं, जिससे साफ है कि इस विवाद का आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई की भी सराहना करते हुए कहा कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि सरकार ने शिकायत को गंभीरता से लिया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की, जिसके कारण आरोपी कानून के शिकंजे में आए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग अयोध्या की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कानून के तहत कार्रवाई होने से ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है। शुरुआती जांच में काउंटिंग रूम की सुरक्षा व्यवस्था और नकदी प्रबंधन को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गड़बड़ी किस स्तर तक हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इसी बीच, इस मामले को लेकर न्यायिक प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में इस पूरे मामले पर देशभर की निगाहें बनी हुई हैं। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या दिशा तय होती है।
फिलहाल, इकबाल अंसारी का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय तक राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े प्रमुख पक्षकारों में रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में एक ओर चोरी की घटना को गंभीर बताया, वहीं दूसरी ओर इस बात पर भी जोर दिया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से लोगों का भरोसा बना हुआ है और अयोध्या की धार्मिक गरिमा पर कोई आंच नहीं आई है।



