
UP Cabinet Expansion : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही कैबिनेट में बड़ा बदलाव कर सकती है। माना जा रहा है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों और 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार केवल औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इसमें कई पुराने मंत्रियों की छुट्टी और नए चेहरों की एंट्री देखने को मिल सकती है। पिछले कुछ समय से मंत्रियों के कामकाज और विभागीय प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है। इसी के आधार पर करीब 10 से 12 मंत्रियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया है, उनकी जगह सक्रिय और युवा विधायकों को मौका दिया जा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस संभावित फेरबदल के जरिए सरकार प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ चुनावी समीकरणों को भी मजबूत करना चाहती है। इसी वजह से कैबिनेट विस्तार को 2027 के चुनावी रोडमैप का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक इस फेरबदल में संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है। संभावना है कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन में भेजा जाए, जबकि संगठन में सक्रिय नेताओं को सरकार में जिम्मेदारी दी जाए।
हाल ही में Pankaj Chaudhary को Bharatiya Janata Party की उत्तर प्रदेश इकाई का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं और तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन में हुए इस बदलाव के बाद सरकार में भी बड़े स्तर पर परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है।
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर रहेगा फोकस
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इस संभावित विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र को अधिक प्रतिनिधित्व देने की संभावना जताई जा रही है।
इसके साथ ही सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ब्राह्मण, राजपूत, दलित और ओबीसी वर्ग के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि सरकार हर वर्ग और क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देकर चुनावी आधार मजबूत करना चाहती है।
तीसरे डिप्टी सीएम पद को लेकर भी चर्चा
कैबिनेट विस्तार के साथ तीसरे उपमुख्यमंत्री पद की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में तेज हो गई है। यदि ऐसा होता है तो यह पद किसी ओबीसी या दलित नेता को दिया जा सकता है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार में 54 मंत्री हैं, जिन्हें बढ़ाकर लगभग 60 तक किए जाने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह कदम सरकार के प्रशासनिक संतुलन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



