
Yogi Cabinet Meeting : उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक पारदर्शिता और ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 31 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जबकि एक प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखा गया।
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna ने कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों की जानकारी दी।
59,163 ग्राम सभाओं तक पहुंचेगी बस सेवा
कैबिनेट ने ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। योजना के अनुसार बसें रात में गांवों में रुकेंगी और सुबह लगभग 10 बजे जिला मुख्यालय पहुंचेंगी।
बस संचालन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। ड्राइवर और कंडक्टर भी स्थानीय स्तर पर नियुक्त किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
इस योजना में निजी बसों को अनुबंध के आधार पर शामिल किया जाएगा और बस मालिक अपने ड्राइवर-कंडक्टर स्वयं रख सकेंगे। किराया निर्धारण सरकारी नियमों और जिला स्तर की समिति की सिफारिशों के आधार पर होगा। खास बात यह है कि इस योजना के तहत परिवहन विभाग की ओर से कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लिया जाएगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनेगी समिति
बस संचालन की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें आरटीओ और अन्य संबंधित अधिकारी सदस्य होंगे। यह समिति बसों के संचालन, किराया और व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी।
अब खतौनी सत्यापन के बाद ही होगी रजिस्ट्री
कैबिनेट बैठक में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले उसकी मिल्कियत की जांच अनिवार्य होगी।
संपत्ति बेचने वाले की पहचान खतौनी से सत्यापित की जाएगी और बिना मालिकाना हक की पुष्टि किए रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सर्किल रेट के आधार पर ही स्टाम्प शुल्क लगाया जाएगा। नगर निगम सीमा के भीतर संपत्ति पंजीकरण पर दो प्रतिशत विकास शुल्क भी लागू होगा।
सरकार का कहना है कि इन नियमों से फर्जी रजिस्ट्री और संपत्ति विवादों पर रोक लगेगी।
टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों के लिए नए नियम
परिवहन क्षेत्र में एग्रीगेटर कंपनियों के संचालन को लेकर भी नए नियम लागू करने का फैसला लिया गया है। अब Uber और Ola Cabs जैसी टैक्सी सेवाओं को पंजीयन विभाग में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन के कोई भी टैक्सी सेवा संचालित नहीं हो सकेगी। एग्रीगेटर कंपनियों को लाइसेंस के लिए पांच लाख रुपये का शुल्क देना होगा। हालांकि यह नियम तिपहिया ऑटो और दोपहिया वाहनों पर लागू नहीं होगा।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के नए दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी। इसके अलावा बरेली, वाराणसी और उरई जैसे शहरों के विकास के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है।
अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी पास किया गया। अवस्थापना विकास के तहत मेरठ के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी को जोड़ने के लिए नए पुल के निर्माण का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही निवेश प्रोत्साहन नीतियों के तहत कई कंपनियों को स्वीकृति दी गई और उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में विकास, रोजगार और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।



