
ED vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेज़ होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था I-PAC (Indian Political Action Committee) के दफ्तर पर छापेमारी की।
I-PAC वही संस्था है, जो अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, सर्वे और मैनेजमेंट से जुड़ी सेवाएं देती है और जिसका नाम पहले भी कई बड़े चुनावों में चर्चा में रहा है।
ईडी की इस कार्रवाई के सामने आते ही बंगाल की राजनीति में हड़कंप मच गया।
ममता बनर्जी क्यों भड़कीं?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस रेड को सीधे-सीधे “सियासी बदले की कार्रवाई” बताया।
उनका आरोप है कि:
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चुनाव नज़दीक आते ही केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है,
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विपक्षी दलों को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है,
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और यह कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के इरादे से की गई है।
ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि:
➡️ आज TMC पूरे जोर-शोर से विरोध मार्च निकालेगी
➡️ सड़क से संसद और कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी
TMC ने कोर्ट क्यों गई?
तृणमूल कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है।
TMC का कहना है कि:
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बिना ठोस आधार के छापेमारी की गई,
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चुनाव के समय इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक संतुलन बिगाड़ने का प्रयास है,
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और ईडी ने अपनी संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन किया है।
पार्टी ने कोर्ट से मांग की है कि:
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ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए,
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और एजेंसी से जवाब तलब किया जाए।
ED और बीजेपी का पक्ष क्या है?
ईडी और बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
बीजेपी का कहना है:
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ईडी एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है,
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कार्रवाई कानून के तहत की गई है,
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और इसे राजनीति से जोड़ना गलत है।
बीजेपी नेताओं के मुताबिक:
➡️ “अगर कोई गड़बड़ी नहीं है, तो डर किस बात का?”
इसका चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक:
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ममता बनर्जी इसे ‘बंगाल बनाम दिल्ली’ की लड़ाई के रूप में पेश कर सकती हैं,
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इससे TMC को सहानुभूति और जनसमर्थन मिल सकता है,
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वहीं बीजेपी इसे भ्रष्टाचार बनाम कानून का मुद्दा बनाने की कोशिश करेगी।
कुल मिलाकर, यह मामला:
🔴 चुनावी मुद्दा बनेगा
🔴 सड़कों से कोर्ट तक जाएगा
🔴 और बंगाल की सियासत को और तीखा करेगा
निष्कर्ष
I-PAC पर ईडी की रेड सिर्फ एक जांच नहीं, बल्कि चुनावी मौसम में एक बड़ा राजनीतिक टकराव बन चुकी है।
आने वाले दिनों में:
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विरोध प्रदर्शन तेज़ होंगे,
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कोर्ट में सुनवाई होगी,
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और बंगाल की राजनीति और गरमाएगी।



