West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच एक्शन मोड में भारत, सरकार के 5 बड़े फैसलों से राहत

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने हाल के दिनों में ताबड़तोड़ फैसले लेकर हालात को संभालने की कोशिश तेज कर दी है। Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ऐसे पांच बड़े कदम उठाए हैं, जिनका असर अब देश में साफ दिखाई देने लगा है।

सबसे बड़ा फैसला पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती का रहा। सरकार ने दोनों ईंधनों पर 10-10 रुपये की कमी कर आम जनता को बड़ी राहत दी है। इससे बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने में मदद मिली है और बाजार में घबराहट कम हुई है।

दूसरा अहम कदम केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर ईंधन की आपूर्ति, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे संकट के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल रही है।

तीसरे फैसले के तहत Indian Navy को खाड़ी क्षेत्र में तैनात किया गया है। भारतीय युद्धपोत न सिर्फ समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि तेल और गैस के टैंकरों को सुरक्षित भारत तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

चौथा बड़ा कदम ऊर्जा स्रोतों का विस्तार है। सरकार ने अब 27 की जगह 41 देशों से ऊर्जा आयात शुरू कर दिया है, जिससे आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम हुआ है और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है।

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पांचवां और सबसे अहम पहलू आक्रामक कूटनीति है। भारत ने Iran, United States और Israel जैसे देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखते हुए संकट के बीच अपने हित सुरक्षित किए हैं।

इन सभी कदमों के चलते भारत फिलहाल अपने कई पड़ोसी देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है।

Written By: Kalpana Pandey

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