Condom Industry: वैश्विक तनाव का असर अब बेडरूम तक, भारत में कंडोम की कीमतें बढ़ने की आशंका

कच्चे माल की कमी और सप्लाई चेन संकट से बढ़ सकता है कंडोम का दाम

Condom Industry: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखने लगा है। West Asia में जारी संकट, खासकर Iran और United States के बीच बढ़ते टकराव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर भारत के कंडोम उद्योग पर भी पड़ता नजर आ रहा है।

भारत का कंडोम बाजार तेजी से बढ़ता हुआ सेक्टर है, जिसकी वैल्यू हजारों करोड़ रुपये में आंकी जाती है। लेकिन अब कच्चे माल की कमी और लागत बढ़ने से कंपनियां दबाव में हैं। कंडोम निर्माण के लिए जरूरी सिलिकॉन ऑयल और अमोनिया जैसे रॉ मटेरियल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। खासतौर पर अमोनिया की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

इस संकट का असर देश की बड़ी कंपनियों जैसे HLL Lifecare Limited, Mankind Pharma और Cupid Limited पर भी पड़ रहा है। सप्लाई चेन में रुकावट और पैकेजिंग लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो गया है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो कंडोम की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। भारत में यह उत्पाद “कम कीमत, ज्यादा पहुंच” मॉडल पर आधारित है, लेकिन लागत बढ़ने से कंपनियों के लिए कीमत बढ़ाना मजबूरी बन सकता है।

इसका असर सिर्फ जेब पर ही नहीं, बल्कि समाज पर भी पड़ सकता है। कंडोम परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा का अहम साधन है। कीमत बढ़ने या उपलब्धता कम होने से इसके उपयोग में कमी आ सकती है, जिसके दीर्घकालिक परिणाम सामने आ सकते हैं।

Written By: Kalpana Pandey

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