
Varanasi News-कूड़ा प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के उप निदेशक ने एक अनोखी पहल की शुरुआत किया है। इसके लिए उन्होंने महिला शक्ति खासतौर पर युवा बालिका वर्ग को ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जागरूक करने का कार्य किया है। आरआर सी (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र) पर घरों से एकत्रित हो रहे कूड़े में प्लास्टिक मिक्स कूड़ा एकत्रित हो रहा है इसके निराकरण के लिए वाराणसी मंडल के उपनिदेशक, पंचायत जितेंद्र कुमार मिश्र ने एक नई पहल शुरू की है जिसका टैगलाइन “कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं” के सिद्धांत पर कार्य किया जा रहा है। लोगों के आम व्यवहार में यह देखा जा रहा है कि अपने घरों से लोग कूड़े को प्लास्टिक के थैलियों में भरकर बाहर फेंक देते हैं जिसको अलग अलग किया जाना कठिन हो जाता है और छटाई में लगत मूल्य बढ़ जाता है।
उस प्लास्टिक में अगर खाद्य सामग्री होने पर उसे गाय सहित तमाम जानवर उसको खा जा रहे हैं तथा वही प्लास्टिक नालियों, तालाबों में एवं मिट्टियों में मिलकर प्रदूषण कर रहा है। इसके लिए आज ग्राम पंचायत कादीपुर विकास खण्ड काशी विद्यापीठ में एक नवीन पहल की शुरुआत की गई लोगों को यह समझाया गया था कि “कूड़े में प्लास्टिक नहीं, प्लास्टिक में कूड़ा नहीं” के तहत अब प्लास्टिक को कूड़े में नहीं फेंकना है और कूड़े को प्लास्टिक में भर कर नहीं फेंकना है। प्लास्टिक का प्रयोग करने के उपरांत हमें घर पर एक बोरी लगाकर उसमें प्लास्टिक को एकत्रित किया जाना है, तत्पश्चात एक दिन प्लास्टिक को कलेक्ट कर उसको निस्तारण के लिए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पर भेज दिया जाना है।
ग्राम पंचायत में विंध्यवासिनी फाउंडेशन ट्रस्ट एवं आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी के तरफ से महिलाओं को सेनेटरी पैड का भी वितरण किया जा रहा है ट्रस्ट और पंचायत राज विभाग मिलकर 2 किलो प्लास्टिक इकट्ठा करके लाने पर एक सेनेटरी पैड इनाम स्वरूप महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य के वृद्धि हेतु दिया जा रहा है।
शुक्रवार को ग्राम पंचायत में पंचायत भवन पर आयोजित कार्यक्रम में 118 से अधिक महिलाओं ने अपने घर पर टंगी बोरियों में 238 किलो से अधिक प्लास्टिक इकट्ठा कर जमा किया जिस पर उपनिदेशक पंचायत द्वारा सभी महिलाओं और किशोरियों को एक सेनेटरी पैड पुरस्कार स्वरूप दिया गया। यह अभियान इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है क्योंकि आज हर जगह कूड़े में प्लास्टिक फैला हुआ है जिसके वजह से कंपोस्ट होने वाले कूड़े भी डी–कंपोज्ड नहीं हो पा रहे है तथा साफ प्लास्टिक भी रीसायकल के लिए नहीं मिल पाता है।
उपनिदेशक पंचायत ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि आज हमें आवश्यकता है कि हम सभी प्रकार के कूड़ो में से प्लास्टिक को अलग करें एवं ठोस एवं तरल कूड़े को अलग-अलग कूड़े रखें जिससे कि कूड़े को कम्पोस्टिंग कर हम खाद बना सके तथा साफ प्लास्टिक को अलग इकट्ठा कर हम उसका रीसायकल कर सकें।
शुक्रवार को ग्राम पंचायत कादीपुर में 118 से अधिक महिलाओं ने अपने घरों पर प्लास्टिक इकट्ठा कर एक नया उदाहरण पेश किया है इस तरह के उदाहरण के साथ ही अन्य ग्राम पंचायत में भी सभी प्रकार के कूड़ा से प्लास्टिक को अलग किए जाने का अभियान चलाया जाएगा जिससे कि ग्राम पंचायत प्लास्टिक मुक्त हो सके। कार्यक्रम में सहायक जिला पंचायत अधिकारी राकेश कुमार यादव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत विंध्यवासिनी फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एन पी सिंह, आइडियल वूमेन वेलफेयर सोसाइटी की अध्यक्ष बीना सिंह, दीपचंद, ग्राम प्रधान विजय कुमार, सचिव अभिषेक सिंह, विजय कुमार दुबे एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मंडलीय समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अनिल केशरी ने किया।
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