
Eid 2026: वाराणसी में आगामी चैत्र नवरात्रि को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है, जिसने शहर में नई बहस छेड़ दी है। नगर निगम की एक बैठक में यह तय किया गया कि नवरात्रि के दौरान पूरे नगर निगम क्षेत्र में मांस, मुर्गा और मछली की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। यह आदेश शहर के सभी वार्डों में लागू होगा और इसका उद्देश्य धार्मिक माहौल को बनाए रखना बताया जा रहा है।
इस बैठक की अध्यक्षता महापौर Ashok Tiwari ने की, जिसमें अधिकारियों ने त्योहार के दौरान व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। प्रशासन का कहना है कि नवरात्रि जैसे पवित्र पर्व में इस तरह का प्रतिबंध धार्मिक भावनाओं के सम्मान के लिए जरूरी है।
हालांकि, इस फैसले के साथ ही विवाद भी शुरू हो गया है। वजह यह है कि नवरात्रि के शुरुआती दिनों में ही ईद का त्योहार भी पड़ रहा है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय और मांस विक्रेताओं ने इस निर्णय पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ईद जैसे बड़े त्योहार पर मांस की बिक्री पर रोक लगाना उनके उत्सव को प्रभावित करेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ईद पर घरों में मेहमान आते हैं और ऐसे मौके पर नॉनवेज भोजन का खास महत्व होता है। कई लोगों ने यह सवाल उठाया कि अगर मांस उपलब्ध नहीं होगा तो त्योहार कैसे मनाया जाएगा। कुछ परिवारों ने पहले से ही मांस स्टॉक करने की बात कही है, जबकि कई इसे अनुचित फैसला मान रहे हैं।
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मीट विक्रेताओं ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे नवरात्रि के दौरान दुकानें बंद रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन ईद के दिन कम से कम एक दिन की छूट दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि यह उनके कारोबार और त्योहार दोनों के लिए जरूरी है।
वहीं, प्रशासन अपने फैसले पर सख्त नजर आ रहा है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चोरी-छिपे मांस बेचने पर कानूनी कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है।
यह पूरा मामला वाराणसी में धार्मिक और सामाजिक संतुलन की चुनौती को सामने लाता है। एक ओर प्रशासन धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखकर फैसले ले रहा है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग समुदायों की अपनी-अपनी जरूरतें और भावनाएं भी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस स्थिति को कैसे संतुलित किया जाता है ताकि दोनों त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाए जा सकें।



