
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन और स्पष्ट नीति के चलते उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होता जा रहा है। 24 करोड़ से अधिक आबादी वाले देश के सबसे बड़े राज्य में एआई को स्वास्थ्य सेवाओं का अहम आधार बनाकर आमजन तक बेहतर, सुलभ और समयबद्ध इलाज पहुंचाने की दिशा में ठोस काम किया जा रहा है।
योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को मेडिकल एआई के क्षेत्र में मॉडल स्टेट के रूप में विकसित किया जाए, ताकि देश के अन्य राज्य भी इससे सीख ले सकें। मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स का बड़ा नेटवर्क और विशाल हेल्थ डाटा यूपी को एआई आधारित स्वास्थ्य समाधानों के लिए सबसे सक्षम राज्य बनाते हैं।
डाटा एआई समाधानों की मजबूत नींव
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष के अनुसार, बीते लगभग नौ वर्षों में प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी सशक्त किया है। HMIS, RCH पोर्टल, निक्षय पोर्टल और ई-संजीवनी जैसे प्लेटफॉर्म अब केवल डाटा संग्रह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नीति निर्माण, निगरानी और त्वरित निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यही डाटा एआई समाधानों की मजबूत नींव है।
उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक टेलीकंसल्टेशन देने वाला राज्य बन चुका है। ई-संजीवनी के जरिए विकसित यह नेटवर्क अब एआई आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (CDSS) से जुड़ रहा है, जिससे डॉक्टरों को इलाज के बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिल रही है और अस्पतालों पर बढ़ता दबाव कम हो रहा है।
टीबी उन्मूलन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम में भी एआई अहम भूमिका निभा रहा है। निक्षय पोर्टल से जुड़े एआई टूल्स जोखिम वाले इलाकों और मरीज समूहों की पहचान कर रहे हैं, जिससे समय रहते हस्तक्षेप संभव हो पा रहा है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान उच्च जोखिम मामलों की पहचान और डायबिटीज जैसी बीमारियों की शुरुआती स्क्रीनिंग में भी एआई उपयोगी साबित हो रहा है।
एआई मॉडल पूरी तरह मानव-केंद्रित
प्रदेश में अपनाया जा रहा एआई मॉडल पूरी तरह मानव-केंद्रित है, जिसमें आशा, एएनएम, नर्स और डॉक्टरों के अनुभव को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे शोध संस्थानों, तकनीकी कंपनियों और डोनर एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ा है और नवाचार को नई गति मिली है। योगी सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में नैतिक, समावेशी और भरोसेमंद एआई के जरिए उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी एक उदाहरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।



