
UP News : योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बढ़ती उपभोक्ता शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम उपभोक्ता ईमानदार होता है और यदि उसकी कोई गलती नहीं है तो उसका बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में नहीं काटा जाना चाहिए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ओवरबिलिंग की शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता है।
फील्ड में उतरेंगे मंत्री और अधिकारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही टोल-फ्री हेल्पलाइन को पूरी तरह सक्रिय रखने और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बिजली व्यवस्था में सुधार पर जोर
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 3.71 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी और डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अब तक 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
ग्रामीण विद्युतीकरण और ट्रांसफॉर्मर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि न्यूनतम पांच घरों वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए। ट्रांसफॉर्मर बदलने की प्रक्रिया को तेज करने और तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन करने पर भी जोर दिया गया।
गर्मी में बिजली आपूर्ति पर विशेष तैयारी
गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता से संचालित रखने और बिजली आपूर्ति में कोई कमी न आने देने के निर्देश दिए गए। साथ ही सौर ऊर्जा, पीएम कुसुम और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं को तेजी से लागू करने पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विजिलेंस की कार्रवाई भी संवेदनशील होनी चाहिए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।



