UP News-श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव में देव आवाहन, शिव-अनुग्रही शक्तियों को विधिवत आमंत्रण

UP News- महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव को और अधिक दिव्य एवं आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान करते हुए रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में देव-आवाहन का एक अभिनव नवाचार संपन्न हुआ। इस अनूठी पहल के अंतर्गत समस्त ब्रह्मांड की सनातन, सात्त्विक एवं शिव-अनुग्रही शक्तियों को विधिवत आमंत्रण पत्र के माध्यम से काशी धाम में सादर आमंत्रित किया गया।

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने बताया कि यह पावन आमंत्रण पत्र धाम में विराजमान समस्त देव विग्रहों के समक्ष श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही महाशिवरात्रि महोत्सव हेतु एक विशेष मंत्र-श्लोक की रचना की गई है, जिसके माध्यम से देवताओं का आवाहन किया जा रहा है।

देव-आवाहन हेतु रचित मंत्र-श्लोक इस प्रकार है—

फाल्गुने कृष्णपक्षेस्मिन् शिवरात्रिमहोत्सवे ।

शिवशक्तिमयान् देवान् प्रणुमोऽनुग्रहेच्छया ।।

विश्वनाथस्य सेवायां शुभाशीराशिकांक्षया ।

आमन्त्रणे समायान्तु काशीधाम्नि समागमे ।।

सीईओ ने बताया कि इस श्लोक के भावार्थ के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की महाशिवरात्रि के इस महापर्व पर समस्त देवताओं, सात्त्विक शक्तियों एवं सनातन सत्ताओं को सादर प्रणाम करते हुए, श्री काशी विश्वनाथ के सेवक भाव से उनके आशीर्वाद की कामना के साथ काशी धाम में आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सव में ससम्मान आमंत्रित किया गया है। इस नवाचार के अंतर्गत श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यह देव-आवाहन मंत्रोच्चार लगातार एक घंटे तक पूरे धाम परिसर में नादित किया जाएगा। सनातन परंपरा के अनुसार मंत्र एवं श्लोक के दिव्य नाद से देवताओं एवं सात्त्विक शक्तियों का आवाहन होता है—इसी भाव के साथ यह आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न किया जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने विश्वनाथ के सेवक के रूप में समस्त न्यासकर्मियों एवं काशीवासियों की ओर से सभी देवताओं, सनातन एवं सात्त्विक शक्तियों को महाशिवरात्रि महोत्सव में पधारने तथा अपना आशीर्वाद प्रदान करने के लिए सादर आमंत्रित किया है। मंदिर न्यास की कामना है कि भगवान श्री काशी विश्वनाथ की कृपा एवं समस्त देव शक्तियों के आशीर्वाद से यह महाशिवरात्रि पर्व भक्तों के लिए मंगलकारी, कल्याणकारी एवं आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण बने।

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