
Lucknow News : उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग द्वारा गुरुवार को एक दिवसीय ‘सोशल मीडिया कार्यशाला’ का आयोजन किया गया, जिसमें खण्ड विकास अधिकारियों (BDO) को डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के गुर सिखाए गए। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभाग की लोक कल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक तेजी और प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।
जवाहर भवन स्थित विभागीय सभागार में आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता जी.एस. प्रियदर्शी ने की। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए खण्ड विकास अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी ने कहा कि सोशल मीडिया अब केवल सूचना देने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने का सशक्त टूल बन चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं, प्रगति और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को नियमित रूप से सोशल मीडिया पर साझा किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों का तुरंत खंडन किया जाना चाहिए और सकारात्मक संवाद के माध्यम से जनता के बीच भरोसा कायम किया जाना चाहिए।
कार्यशाला में आमंत्रित वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अधिकारियों को जनसंपर्क और मीडिया मैनेजमेंट के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। अरविन्द चौहान ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर हो रहे विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से मीडिया के साथ साझा करना जरूरी है, ताकि योजनाओं का सही प्रभाव लोगों तक पहुंचे।
वहीं मजहर सलीम ने ‘डेवलपमेंट रिपोर्टिंग’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की खबरों को मुख्यधारा में लाने के लिए सोशल मीडिया एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि लक्षित वर्ग के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाए।
कार्यशाला में सहायक आयुक्त (मनरेगा) अरविंद मोहन, सोशल मीडिया विशेषज्ञ राजमणि पटेल सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।



