
Uttar Pradesh: रायबरेली में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसे ने परिवारों की खुशियां छीन लीं। चूली गांव के पास तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रही सात युवतियों और किशोरियों को टक्कर मार दी, जिसमें चार की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगतपुर और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस के अनुसार जगतपुर क्षेत्र के कोडर गांव निवासी शालिनी (20), साधना (15) और भदोखर क्षेत्र के अलीगंज की रहने वाली हिमांशी (22), रश्मि (15), आसमां (18) समेत अन्य युवतियां चूली गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम से लौटते समय वे निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे से पैदल घर जा रही थीं। शाम करीब सात बजे एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
सीएचसी जगतपुर में चिकित्सकों ने शालिनी और हिमांशी को मृत घोषित कर दिया, जबकि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान आसमां और रश्मि ने भी दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने तुरंत चिकित्सकों की टीम को अलर्ट किया। अपर जिलाधिकारी सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार नौहवार और कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल रहा। मृतकों के परिजन रोते-बिलखते नजर आए, वहीं घायल किशोरियों के परिवारजन लगातार डॉक्टरों से बेटियों को बचाने की गुहार लगाते रहे।
इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक पिता जंग बहादुर ने अपनी बेटी हिमांशी को खो दिया, जबकि दूसरी बेटी साधना जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर चारों मृतकों का रात में ही पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को सभी मृत युवतियों का अंतिम संस्कार गांव में किया जाएगा।
Written By: Kalpana Pandey



