UAE President India Visit : ‘यूएई के राष्ट्रपति का भारत दौरा’, सऊदी-पाक गठजोड़ के बीच बदलते गल्फ समीकरण

UAE President India Visit: यूएई राष्ट्रपति MBZ का भारत दौरा क्यों है अहम? सऊदी-पाक गठजोड़, ईरान तनाव और भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी का पूरा विश्लेषण।

UAE President India Visit : यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान (MBZ) सोमवार को भारत के दौरे पर आ रहे हैं। यह उनकी भारत की तीसरी यात्रा है, लेकिन वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों के कारण यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। गल्फ रीजन में सऊदी अरब-पाकिस्तान की बढ़ती नज़दीकियों, यमन संघर्ष और ईरान की बढ़ती भूमिका के बीच MBZ का भारत आना सिर्फ द्विपक्षीय नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई नेतृत्व को भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने का अवसर देगी। दोनों नेता क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग, निवेश और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात पर विचार साझा करेंगे।

सऊदी अरब पाकिस्तान के करीब क्यों?

बीते कुछ वर्षों में सऊदी अरब ने पाकिस्तान से दूरी बना ली थी, लेकिन बदलते वैश्विक हालात और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने सऊदी को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है। पाकिस्तान की बड़ी सेना और परमाणु शक्ति सऊदी के लिए एक संभावित सुरक्षा कवच मानी जाती है। यही वजह है कि हाल के दिनों में सऊदी-पाक रिश्तों में गर्माहट दिखी है।

यूएई भारत को क्यों तरजीह दे रहा है?

यूएई ने सऊदी से अलग रास्ता चुना है। राष्ट्रपति MBZ जानते हैं कि पाकिस्तान के साथ जुड़ाव अस्थिरता और कर्ज तक सीमित है, जबकि भारत के साथ साझेदारी का मतलब है विशाल बाजार, तकनीक और इनोवेशन, सुरक्षित निवेश और बेहतर रिटर्न।

ईरान का पड़ोसी होने के कारण यूएई किसी भी क्षेत्रीय युद्ध के प्रभाव को लेकर सतर्क है। दुबई की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए यूएई भारत जैसे स्थिर और भरोसेमंद देश में निवेश बढ़ाना चाहता है।

क्यों ‘गेमचेंजर’ है MBZ का भारत दौरा?

ऊर्जा सुरक्षा : लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच यूएई भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति की अहम गारंटी है।
IMEC कॉरिडोर : इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर को दोबारा रफ्तार मिल सकती है, जो चीन के BRI और ग्वादर पोर्ट को चुनौती देता है।
निवेश : गल्फ में युद्ध के खतरे को देखते हुए यूएई अपना निवेश भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और शेयर बाजार में शिफ्ट करना चाहता है।

भारत का बढ़ता वैश्विक कद

MBZ का भारत दौरा यह साबित करता है कि मिडिल ईस्ट के देश अब धर्म नहीं, बल्कि भविष्य की स्थिरता और समृद्धि देख रहे हैं। सऊदी ने सुरक्षा के लिए पाकिस्तान को चुना है, तो यूएई ने विकास और निवेश के लिए भारत को। और लंबे समय में, समृद्धि की साझेदारी ही सबसे मजबूत मानी जाती है।

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