
नई दिल्ली। Trinamool Congress (टीएमसी) और Election Commission of India (ईसीआई) के बीच टकराव बुधवार को उस समय और तेज हो गया, जब दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक विवाद में बदल गई। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
टीएमसी के राज्यसभा नेता Derek O’Brien ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने बैठक के दौरान उनसे “दफ़ा हो जाओ” (Get Lost) कहा। उन्होंने दावा किया कि बैठक कुछ ही मिनटों में खत्म कर दी गई और आयोग ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया।
टीएमसी प्रतिनिधिमंडल में सागरिका घोष, साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी भी शामिल थीं। ओ’ब्रायन के अनुसार, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee द्वारा लिखे गए नौ पत्र आयोग को सौंपे और कुछ चुनाव अधिकारियों के कथित राजनीतिक संबंधों पर सवाल उठाए।
वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक के दौरान डेरेक ओ’ब्रायन ने अभद्र व्यवहार किया और चिल्लाने लगे। आयोग ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि वह राज्य में “भयमुक्त और निष्पक्ष” चुनाव सुनिश्चित करेगा।
इस विवाद के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए करीब 91 लाख नामों को लेकर उनकी पार्टी अदालत का रुख करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कदमों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव 23 और 29 अप्रैल को प्रस्तावित हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। इस बीच टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच बढ़ता तनाव चुनावी माहौल को और गरमा रहा है।



