India–Turkmenistan relations: विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल ने लिया एसपीईसीए फोरम में हिस्सा

India–Turkmenistan relations: विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने यहां एसपीईसीए (मध्य एशिया की अर्थव्यवस्थाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र का विशेष कार्यक्रम) इकोनॉमिक फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। फोरम में हिस्सा लेने के अलावा जॉर्ज ने भारत-तुर्कमेनिस्तान विदेश कार्यालय परामर्श के 5वें दौर की बैठक में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री राशिद मेरेडोव से मुलाकात की और भारत के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।


भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा भारत और तुर्कमेनिस्तान के बीच आपसी लाभकारी साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसके अलावा सचिव (पश्चिम) और तुर्कमेनिस्तान की उप विदेश मंत्री म्याहरी ब्याशिमोवा की सह-अध्यक्षता में विदेश कार्यालय परामर्श के दौरान, दोनों पक्षों ने राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार-आर्थिक, सांस्कृतिक, शिक्षा और कांसुलर मामलों सहित द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों के ढांचे के तहत सहयोग पर भी चर्चा की तथा आपसी हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
मंत्रालय ने कहा तुर्कमेनिस्तान के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री मम्मेतगुली अस्तानागुलोव की अध्यक्षता में एसपीईसीए आर्थिक फोरम में अतिथि देश के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, सचिव (पश्चिम) ने भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापार, आर्थिक, निवेश और कनेक्टिविटी संबंधों को बढ़ाने के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। उनकी यह यात्रा तुर्कमेनिस्तान और अन्य मध्य एशियाई देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की भारत की ‘विस्तारित पड़ोस’ नीति के अनुरूप है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा सिबी जॉर्ज और आजादी तुर्कमेन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वर्ल्ड लैंग्वेजेज के रेक्टर, मक्सत चारियेव ने इंस्टीट्यूट में एक हिंदी कॉर्नर का उद्घाटन किया। यह पहल हिंदी भाषा सीखने को बढ़ावा देगी और लोगों के बीच संबंधों को मज़बूत करेगी, जिससे भारत और तुर्कमेनिस्तान के बीच गहरी सांस्कृतिक समझ बढ़ेगी।
इसके साथ ही जॉर्ज ने तुर्कमेन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक ‘आयुर्वेद चैंबर’ का उद्घाटन भी किया। यह पहल तुर्कमेनिस्तान में आयुर्वेद, योग और भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के बारे में जागरूकता बढ़ाएगी और भारत तथा तुर्कमेनिस्तान के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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