International News: ईरान में भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार की कड़ी नजर, रेस्क्यू मिशन की फिलहाल जरूरत नहीं

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, ईरान में हालात पर लगातार निगरानी, हवाई मार्ग खुले हैं और भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं

International News: ईरान में जारी राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल के बीच भारत सरकार वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने लोकसभा में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फिलहाल ईरान में मौजूद भारतीय सुरक्षित हैं और मौजूदा हालात को देखते हुए किसी विशेष रेस्क्यू या निकासी अभियान की आवश्यकता नहीं है।

विदेश मंत्री ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां रह रहे भारतीय नागरिकों, छात्रों और अन्य समुदायों के संपर्क में है। दूतावास समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश और सुरक्षा संबंधी सलाह जारी कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की असुविधा या जोखिम से बचा जा सके। सरकार पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और हालात की निरंतर समीक्षा की जा रही है।

हवाई मार्ग खुले, कमर्शियल फ्लाइट से लौट सकते हैं भारतीय

डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान का हवाई क्षेत्र पूरी तरह खुला हुआ है और भारत के लिए नियमित कमर्शियल उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसी वजह से वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को फंसा हुआ नहीं माना जा सकता। सरकार की ओर से 5 जनवरी और 14 जनवरी 2026 को ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर भारतीयों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई थी।

उन्होंने कहा कि जो लोग चाहें, वे व्यावसायिक उड़ानों के जरिए सामान्य प्रक्रिया के तहत भारत लौट सकते हैं। चूंकि आवागमन के साधन उपलब्ध हैं, इसलिए मौजूदा समय में किसी विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन की जरूरत महसूस नहीं की जा रही है।

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ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ईरान के 16 अलग-अलग प्रांतों में इस समय लगभग 9,000 से 10,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें छात्र, श्रमिक, कारोबारी, पर्यटक और धार्मिक तीर्थयात्री शामिल हैं। भारत सरकार का कहना है कि सभी भारतीयों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से मौजूद हैं।

इससे पहले जून 2025 में ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने के दौरान भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ चलाया था, जिसके तहत 3,597 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया था। हालांकि मौजूदा हालात उस समय से अलग हैं और स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर बताई जा रही है।

कूटनीतिक स्तर पर भी जारी है संवाद

भारत सरकार केवल जमीनी स्तर पर ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी हालात पर नजर बनाए हुए है। 14 जनवरी 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत कर वहां के मौजूदा हालात की जानकारी ली थी। दोनों देशों के बीच लगातार संवाद जारी है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में समय रहते कदम उठाए जा सकें।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर भविष्य में हालात बिगड़ते हैं या भारतीयों की सुरक्षा पर कोई सीधा खतरा उत्पन्न होता है, तो स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने और दूतावास के संपर्क में बने रहने की अपील की गई है।

Written By: Anushri yaadav

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