
Sunetra Pawar Oath Ceremony : राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र की राजनीति में इतिहास रच दिया। विधानसभा भवन में आयोजित बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी का विधायकीय नेता चुना गया, जिसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सुनेत्रा पवार ने राज्य मंत्रिमंडल में अपने दिवंगत पति और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख रहे अजित पवार का स्थान लिया है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुनेत्रा पवार ने कहा – “मैं सुनेत्रा पवार…” और इसी के साथ उन्होंने राज्य की सत्ता में नई भूमिका की शुरुआत की।
2024 के बाद सक्रिय राजनीति में आईं सुनेत्रा पवार
लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं सुनेत्रा पवार 2024 के लोकसभा चुनाव में पहली बार सक्रिय राजनीति में उतरी थीं। उन्होंने बारामती से एनसीपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन अपनी भाभी और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले से हार गई थीं। इसके बाद वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं।
एनसीपी में मतभेद और पुनर्मिलन की अटकलें
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित पुनर्मिलन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि एनसीपी (एसपी) और शरद पवार परिवार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उन्हें सुनेत्रा पवार के भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल होने के फैसले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा, अजित पवार के परिवार और पार्टी द्वारा लिए गए हर फैसले का समर्थन करेगी। वहीं, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने स्पष्ट किया कि उन्हें सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली और यह निर्णय एनसीपी का आंतरिक फैसला प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अजित पवार दोनों गुटों को एकजुट करना चाहते थे और इस दिशा में प्रयास चल रहे थे।
कौन हैं सुनेत्रा पवार?
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के धाराशिव जिले की रहने वाली हैं और एनसीपी के वरिष्ठ नेता पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं। उनका बचपन धाराशिव के टेर क्षेत्र में बीता। सुनेत्रा पवार का कहना है कि राजनीति और सामाजिक कार्यों के प्रति उनका रुझान उन्हें अपने पिता से विरासत में मिला, जो स्वतंत्रता सेनानी थे।
पद्मसिंह पाटिल और शरद पवार की मित्रता के चलते सुनेत्रा पवार का विवाह वर्ष 1980 में अजित पवार से हुआ। शादी के बाद वे बारामती आ गईं। शुरुआती वर्षों में, जब अजित पवार राजनीति में सक्रिय नहीं थे, तब सुनेत्रा पवार ने घर और परिवार संभाला और बाद में उनके दूध व्यवसाय में भी सहयोग किया।



