
Sports-Shooting News- शूटिंग लीग ऑफ इंडिया (एसएलआई) का उद्घाटन संस्करण एक बार फिर टाल दिया गया है। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। पहले यह लीग पिछले साल शुरू होनी थी, जिसे बाद में फरवरी 2026 तक के लिए स्थगित किया गया था। अब एनआरएआई ने स्पष्ट किया है कि लीग की शुरुआत इसी साल बाद में की जाएगी, हालांकि नई तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।
आयोजकों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह फैसला लीग की दीर्घकालिक मजबूती, बेहतर ब्रॉडकास्ट प्रभाव और दर्शकों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बयान में कहा गया कि यह कदम शूटिंग लीग ऑफ इंडिया को भारतीय शूटिंग के सबसे बड़े उत्सव के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा और 2026 तथा उसके बाद होने वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों से मिलने वाली खेलीय गति का पूरा लाभ उठाने का अवसर देगा।
एनआरएआई का मानना है कि संशोधित कार्यक्रम से लीग को अंतरराष्ट्रीय शूटिंग कैलेंडर के साथ बेहतर तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी। पहले प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार लीग की शुरुआत एशियन गेम्स जैसे बड़े बहु-खेल आयोजनों से पहले हो रही थी, जबकि उन खेलों में भारतीय निशानेबाजों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
एइची-नागोया एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच आयोजित होने हैं, ऐसे में यह लगभग तय माना जा रहा है कि शूटिंग लीग ऑफ इंडिया अब साल की अंतिम तिमाही में ही आयोजित हो सकती है।
एनआरएआई के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने खिलाड़ियों को सबसे बड़ा मंच देना है। सीजन को दोबारा व्यवस्थित करके हम ऐसा समय तय कर रहे हैं, जब शूटिंग लीग ऑफ इंडिया को टेलीविजन पर अधिकतम दर्शक मिल सकें। इससे हमारे खिलाड़ी बड़े आयोजनों से स्टार बनकर लौटेंगे और उन्हें वह पहचान मिलेगी, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस अतिरिक्त तैयारी समय से लीग को तकनीकी रूप से और भी बेहतर बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हम अल्फा टेस्टिंग से आगे बढ़कर ब्रॉडकास्ट परफेक्शन की ओर जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य पहले ही शॉट से दर्शकों को विश्वस्तरीय अनुभव देना है।
गौरतलब है कि लीग की शुरुआत में आठ शहर आधारित फ्रेंचाइजी की योजना थी, जिसे बाद में छह और फिर चार तक सीमित किया गया। एक साल की कोशिशों के बाद अब तक केवल तीन टीमें ही कार्यक्रम से जुड़ पाई हैं—दिल्ली नाइट वॉरियर्स, मुंबई एक्स कैलिबर्स और यूपी प्रोमीथियंस। इससे यह भी साफ होता है कि संभावित निवेशकों को जोड़ना आयोजकों के लिए एक चुनौती रहा है।



