
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच स्पेन ने अमेरिका को दो टूक संदेश दिया है। स्पेन ने स्पष्ट किया है कि उसकी संप्रभुता के अधीन संचालित संयुक्त सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए नहीं किया जा सकता। इस फैसले के बाद कम से कम 15 अमेरिकी सैन्य विमान स्पेन के अड्डों से जर्मनी और फ्रांस की ओर रवाना होते देखे गए।
स्पेन के विदेश मंत्री का साफ बयान
स्पेन के विदेश मंत्री José Manuel Albares ने कहा कि स्पेन अपने उन सैन्यअड्डों को ईरान पर हमले के लिए उपयोग की अनुमति नहीं देगा, जो अमेरिका और स्पेन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित हैं लेकिन स्पेन की संप्रभुता के अधीन आते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्पेन किसी ऐसी सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर या अमेरिका के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते के अनुरूप न हो।
मोरॉन और रोटा बेस से उड़े अमेरिकी विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 के मुताबिक, दक्षिणी स्पेन स्थित रोटा और मोरॉन एयरबेस से कम से कम 15 अमेरिकी विमान उड़ान भर चुके हैं। इनमें से सात विमान जर्मनी के रामस्टीन एयरबेस पर उतरते देखे गए।
रोटा और मोरॉन दोनों ही सैन्य अड्डे अमेरिका और स्पेन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित होते हैं, लेकिन अंतिम अधिकार स्पेन के पास है।
ब्रिटेन ने बदला रुख
शुरुआत में ब्रिटेन ने भी अपने सैन्य अड्डों को ईरान पर हमलों के लिए इस्तेमाल करने से इनकार किया था। हालांकि बाद में प्रधानमंत्री Keir Starmer ने ‘कलेक्टिव सेल्फ डिफेंस’ के तहत सीमित उपयोग की मंजूरी दे दी।
पेड्रो सांचेज की कड़ी प्रतिक्रिया
स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez पहले ही अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान में की गई सैन्य कार्रवाई की आलोचना कर चुके हैं। स्पेन का यह रुख पश्चिम एशिया संकट के बीच उसे यूरोप में अलग स्थिति में खड़ा करता है और इससे वॉशिंगटन के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। ऐसे में स्पेन का यह कदम कूटनीतिक और सामरिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

