
Sonbhadra News : जनपद में करीब 3 वर्ष पूर्व 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी विकास सिंह उर्फ विक्की सिंह को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है वही अर्थदंड अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इसके साथ ही अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने 25 दिसंबर 2022 को पिपरी थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी मित्रता फेसबुक के जरिए विकास सिंह उर्फ विक्की सिंह पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह निवासी नेवादा कला, थाना अंतु, जिला प्रतापगढ़ से हो गई। उसके बाद उसे बहला फुसलाकर गुजरात भगा ले गया, जहां फर्जी आधारकार्ड बनवाकर शादी कर लिया, जबकि उस समय उसकी उम्र 17 वर्ष थी। उसके बाद उससे यौन संबंध भी बनाने लगा।
इस दौरान उसने चोरी से वीडियो क्लिप भी बना लिया और उसे ब्लैकमेल कर बाहर घुमाने ले जाने लगा और गैर लोगों से सम्बंध बनाने का दबाव भी बनाया। किसी तरह अपनी मां को सारी जानकारी दी। उसकी माँ ने गुजरात पुलिस को सूचना दी तब उसकी गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने उसे हिदायत दी कि लड़की को उसके घर छोड़कर आओ, जिसपर वह नशे की हालत में उसे उसके घर के पास रात में छोड़कर भाग गया। किसी तरह घर पहुंची और माँ को सारी बात बताई तो माँ ने कहा कि बीती बातों को भूलकर नई जिंदगी की शुरुआत करो। कुछ दिनों बाद फिर से कई नम्बर बदल कर फोन करने लगा और धमकी देने लगा कि अपनी मां से पैसा दिलाओ नहीं तो वीडियो क्लिप अपलोड कर देंगे। इसके अलावा किसी व्यक्ति के साथ यौन सम्बंध बनाने का दबाव देने लगा।
इस तहरीर पर पिपरी पुलिस ने 25 दिसंबर 2022 को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी विकास सिंह उर्फ विक्की सिंह (26) वर्ष को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
रिपोर्ट: रवि पाण्डेय



