
Sonbhadra News-छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से लगे जनपद के बभनी थाना क्षेत्र के महुअरिया मोड़, चपकी में हर शनिवार को अन्तर प्रान्तीय बकरी बाजार लगता है जहां खरीदारी करने दूर दूर से व्यापारी आते हैं। शनिवार को तेलंगाना से आये हिन्दू व्यापारियों को बाजार में धमकाया गया।
बभनी क्षेत्र के ग्राम पंचायत चपकी के महुअरिया मोड़ पर हर शनिवार को बकरी बाजार लगता है।बाजार में कई क्षेत्रीय व्यापारी गांवों से देशी बकरी, मुर्गी और मुर्गे खरीदकर बेचने आते हैं। इसके अतिरिक्त, दूर-दराज के गांवों से भी पशुपालक अपनी बकरियों और बकरों को लेकर पहुंचते हैं,जहां उन्हें बाहर से आए व्यापारियों से मन मुताबिक दाम मिल जाते हैं।स्थानीय व्यापारियों के अलावा, तेलंगाना,ओडीशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से सैकड़ों व्यापारी बड़े वाहनों में यहां आते हैं। वे यहां से पशुधन खरीदकर अपने-अपने क्षेत्रों के बाजारों में ले जाकर बेचते हैं, जहां उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सके।प्रत्येक शनिवार को बकरी बाजार लगता है जिसमें तमाम जगहों के व्यापारी आकर के यहां खरीद फरोक का कार्य करते हैं इसमें कुछ हिंदू व्यापारी तेलंगाना से आए हिंदू व्यापारियों के साथ अन्य विशेष वर्ग के व्यापारी ने मारपीट की एवं धमकी का मामला प्रकाश मे आया तो इसकी जानकारी बजरंग दल को मिली तो प्रखंड अध्यक्ष मनोज पाण्डेय अपनी टीम के बाजार पहुच कर हिन्दू बीच बचाव किया। उन्होने प्रकरण की सूचना पुलिस को दी, इसके बाद पुलिस के पहुचने के बाद व्यापरी आपस मे कोई कार्यवाही नही चाहने की बात कही है।
इस मामले के बावत प्रभारी निरिक्षक कमलेश पाल ने बताया कि दोनो पक्षो मे कोई कानूनी कार्यवाही नही चाहता था। दोनो आपस मे ही सुलह समझौता कर लिया है।
पन्द्रह से बीस हजार तक की लगती है बकरे की बोली :- छत्तीसगढ़ सीमा से लगे बभनी के चपकी महुअरिया बकरी बाजार अन्तर्राज्यीय स्तर पर जानवरो की खरीद और बिक्री होती है। इस बाजार मे प्रत्येक बाजार मे 15 से बीस हजार बोली लगाई जाती है।बाजार मे छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, तेलगाना, उडिसा, से व्यापारी आते है और यहा से अन्यप्रान्तो मे बकरे बकरी और मुर्गे मुर्गियों की ब्रिक्री होती है।
देशी नश्ल के बकरी और मुर्गे के लिए है महुअरिया की पहचान :- जनपद के चपकी महुअरिया मे देशी नश्ल की बकरी, बकरे, मुर्गे और मुर्गिया की खरीद व बिक्री का काम होता है। अन्तर्राजयीय स्तर पर देशी नश्ल के बकरे बकरियो की अपनी पहचान रखने वाला बाजार है शनिवार की सुबह सुबह ही क्षेत्र के कोने कोने से लोग इस बाजार मे पहुच कर अपने कारोबार को अंजाम देते है।
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रिपोर्ट :- रवि पाण्डेय



