
Sonbhadra News-लंबे समय से अलग सोनांचल राज्य की मांग को लेकर संघर्षरत सोनांचल संघर्ष वाहिनी ने ऐलान किया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में सोनांचल की सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई राजनीतिक दल गठबंधन की पेशकश करता है तो उसका स्वागत किया जाएगा।
रविवार को सदर विकासखंड के घसिया बस्ती में आयोजित सभा में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रोशन लाल यादव ने आदिवासी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि “सोनांचल का चौमुखी विकास बिना अलग राज्य बनाए संभव नहीं है। आजादी के सात दशक बाद भी आदिवासियों को उनका हक नहीं मिल पाया। जल, जंगल और जमीन लगातार शोषणकारी ताकतों द्वारा छीना जा रहा है और सरकारें मूकदर्शक बनी हुई हैं।”
आदिवासियों और विस्थापितों की समस्याएं
श्री यादव ने कहा कि राष्ट्रपति गजेटियर के मुताबिक 25 साल से जिस भूमि पर आदिवासी काबिज हैं, उन्हें विस्थापित किए बिना बेदखल नहीं किया जा सकता, लेकिन सोनांचल में वन विभाग इसका पालन नहीं कर रहा। सरकार भी उन्हें पट्टा देने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोनांचल के निजी उद्योगों में संविदा नौकरियां भी स्थानीय युवाओं को न देकर बाहरी लोगों को बेची जा रही हैं। जिला प्रशासन भर्ती प्रक्रिया के लिए कोई गाइडलाइन तक नहीं बना पाया। उलटे अपने हक की लड़ाई लड़ रहे युवाओं पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
सड़क और विकास कार्यों पर सवाल
सोनांचल संघर्ष वाहिनी प्रमुख ने कहा कि आज गांवों की सड़कें जर्जर हालात में हैं। “विकास का डंका पीटने वाले जनप्रतिनिधि सिर्फ दिखावा कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि सोनांचल का विकास दर शून्य पर आ गया है।”
2027 में चुनावी मुकाबला
रोशन लाल यादव ने स्पष्ट किया कि संघर्ष वाहिनी 2027 के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। संगठन का मुख्य एजेंडा अलग सोनांचल राज्य बनाना होगा। इसके लिए संगठन जल्द ही व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगा।
रिपोर्ट : रवि पाण्डेय
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