
चांदी की कीमतों ने सोमवार को इतिहास रच दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन वायदा बाजार में चांदी ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बार 3,00,000 प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया। एक ही दिन में चांदी करीब 13,000 महंगी हो गई, जिससे निवेशकों और सर्राफा बाजार में हलचल मच गई है।
ग्लोबल टेंशन, कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच चांदी में इस साल अब तक जबरदस्त उछाल देखा गया है। 2026 की शुरुआत से अब तक 1 किलो चांदी की कीमत 65,000 से ज्यादा बढ़ चुकी है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
क्यों बढ़ रहे हैं चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं—
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वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता
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डॉलर में कमजोरी
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सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग
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इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर से मजबूत औद्योगिक डिमांड
इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर चांदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।
सोने के भाव भी रिकॉर्ड के करीब
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में सोना लगातार ऊपरी स्तरों पर बना हुआ है और कई शहरों में 10 ग्राम सोने का भाव 1.40 लाख के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का जोखिम भी बना हुआ है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।



