
Shaheed Diwas 2026 : विश्व युवक केंद्र ने शहीद दिवस के अवसर पर राजधानी में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। “शहीदों की कुर्बानी, देश की अमर कहानी” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन केंद्र मुख्यालय सभागार में तीन सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमें युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति, शहीदों के बलिदान और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व सांसद के.सी. त्यागी ने अपने संबोधन में युवाओं से शहीदों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल इतिहास को याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके मूल्यों को आत्मसात कर जिम्मेदार नागरिक बनना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना, जागरूकता और देश के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
मुख्य वक्ता, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अरविंद कुमार सिंह ने शहीदों के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं को साहस, दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने केंद्र की लाइब्रेरी के लिए भगत सिंह और शहीद रामनारायण आजाद से संबंधित पुस्तकों का भेंट स्वरूप प्रदान किया और युवाओं से निरंतर अध्ययन कर खुद को सशक्त बनाने की अपील की।
वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखिका नीलम गुप्ता ने तकनीक के सकारात्मक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल सामाजिक बदलाव और सामूहिक प्रगति के लिए किया जाना चाहिए।
मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने युवाओं को शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने शहीदों की विरासत को संजोए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित कवियों ने वीर रस और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कविताओं के माध्यम से शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के अंत में केंद्र के सीईओ उदय शंकर सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और शहीदों के आदर्शों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब युवा शहीदों के त्याग, साहस और समर्पण को समझते हैं, तभी वे राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन केंद्र की टीम के सहयोग से किया गया, जबकि इसका समन्वय आलोक वत्स द्वारा किया गया।



