
Indian Share Market: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए और निवेशकों को बड़ा झटका लगा। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स करीब 2500 अंकों की गिरावट के साथ 74 हजार के स्तर के आसपास बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी भी तेज गिरावट के साथ 23,100 के नीचे फिसल गया।
इस बड़ी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण सामने आए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। ऊर्जा ठिकानों पर हमलों और तेल-गैस सप्लाई पर खतरे की आशंका ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
बाजार में आई इस तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। आंकड़ों के मुताबिक, एक ही दिन में निवेशकों के करीब 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी तेजी से घट गया, जिससे निवेशकों के बीच डर का माहौल बन गया।
इस दौरान कीमती धातुओं में भी कमजोरी देखने को मिली। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जो आमतौर पर अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माने जाते हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक हालात, खासकर मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट की आशंका, बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनकर उभरे हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के बावजूद सख्त रुख के संकेतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
Written By: Kalpana Pandey



