
लखनऊ (ब्यूरो): भारतीय सवर्ण संघ, संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राधेश्याम तिवारी उर्फ साधु तिवारी ने कई सामाजिक और नीतिगत मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी-एसटी एक्ट का कुछ लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्दोष लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
राधेश्याम तिवारी ने सवर्ण समाज के लिए अलग ‘सवर्ण आयोग’ के गठन की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि इससे सवर्ण समाज के पीड़ित और प्रताड़ित लोगों को न्याय पाने के लिए एक संस्थागत मंच मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बढ़ते जातीय विभाजन पर चिंता जताई जानी चाहिए। उनके अनुसार, विभिन्न नीतियों और कानूनों के कारण समाज में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे सामाजिक एकता प्रभावित होती है।
आरक्षण व्यवस्था पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि जातिगत आधार के बजाय आर्थिक आधार पर, जनगणना और सर्वे कराए जाने चाहिए। राधेश्याम तिवारी का मानना है कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर, शोषित और वंचित हैं, चाहे वे किसी भी वर्ग से हों।
उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि जो लोग पहले से आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हैं तथा उच्च पदों पर कार्यरत हैं, क्या उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना उचित है। भारतीय सवर्ण संघ, संगठन ने सरकार और सभी राजनीतिक दलों से अपील की, कि वे इन मांगों पर गंभीरता से विचार करें, ताकि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और न्याय मिल सके।
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