
UP News : उत्तर प्रदेश के सैफई क्षेत्र में शनिवार को एक खेत में ड्रोन क्रैश होने से हड़कंप मच गया। घटना सैफई के नंदपुर गांव की बताई जा रही है, जहां एक निजी कंपनी परीक्षण के दौरान अपना प्रोटोटाइप ड्रोन उड़ा रही थी।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और कई लोगों को यह किसी भटकी हुई मिसाइल जैसा लगा।
अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “लोगों को लगा कि यह कोई मिसाइल है जो युद्ध क्षेत्र से भटककर यहां आ गई है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह सरकारी परीक्षण था तो स्थानीय लोगों को पहले से सूचना क्यों नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ड्रोन किसी आबादी वाले क्षेत्र में गिरता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
मुआवजा और जांच की मांग
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित किसान को उचित मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अगर BJP एक ड्रोन नहीं उड़ा सकती, तो सैफई की हवाई पट्टी से विमान कैसे उड़ाएगी?”
पुलिस का बयान
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, नंदपुर गांव में एक निजी कंपनी का प्रोटोटाइप ड्रोन परीक्षण के दौरान गिर गया। सुरक्षा के मद्देनज़र उसके पुर्जों को कब्जे में ले लिया गया है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
युद्ध को लेकर भी साधा निशाना
इससे पहले भी अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया था कि वह अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए पश्चिम एशिया के संघर्ष का हवाला दे रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों से ध्यान भटका रही है और खाद जैसी समस्याओं के लिए भी अंतरराष्ट्रीय हालात को जिम्मेदार ठहरा सकती है।
सैफई ड्रोन क्रैश की घटना ने सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इस मामले ने राजनीतिक बहस को जरूर तेज कर दिया है।



