New Delhi News: RIL के तीसरी तिमाही नतीजे: मुनाफे और राजस्व में बढ़ोतरी, बाजार की नजर आगे की चाल पर

New Delhi News: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल RIL के प्रदर्शन पर बाजार और निवेशकों की खास नजर रहती है। इस तिमाही में कंपनी ने मुनाफे और राजस्व दोनों मोर्चों पर बढ़त दर्ज की है, हालांकि कुछ सेगमेंट में दबाव भी देखने को मिला है।

कंपनी ने तीसरी तिमाही में 18,645 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के 18,540 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 0.56 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी है। वहीं पिछली तिमाही के 18,165 करोड़ रुपये के मुकाबले मुनाफा लगभग 2.64 प्रतिशत बढ़ा है।

राजस्व की बात करें तो RIL का ऑपरेशनल रेवेन्यू इस तिमाही में 2,69,496 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर करीब 10.5 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 2,43,865 करोड़ रुपये था। वहीं तिमाही-दर-तिमाही तुलना में दूसरी तिमाही के 2,58,898 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

कंपनी का EBITDA भी 6.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 50,932 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 48,003 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान तेल और गैस सेगमेंट में कुछ दबाव देखा गया, जिसका असर मुनाफे की रफ्तार पर पड़ा।

New Delhi News-विदेश मंत्री जयशंकर की ईरानी समकक्ष से बातचीत, क्षेत्रीय हालात पर हुई चर्चा

तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए, इसलिए अगले कारोबारी दिन शेयर में हलचल देखने को मिल सकती है। कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को RIL का शेयर 1,457.60 रुपये पर मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप लगभग 19.72 लाख करोड़ रुपये है।

निवेशकों के नजरिए से देखें तो पिछले एक साल में RIL के शेयर का न्यूनतम स्तर 1,115.55 रुपये और उच्चतम स्तर 1,611.20 रुपये रहा है। बीते एक साल में कंपनी के शेयर ने करीब 15 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। तीन साल में यह रिटर्न लगभग 29.19 प्रतिशत और पांच साल में करीब 50 प्रतिशत के आसपास रहा है।

कुल मिलाकर RIL के तीसरी तिमाही के नतीजे यह दिखाते हैं कि कंपनी ने स्थिरता के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की है। मुनाफे और राजस्व में बढ़ोतरी सकारात्मक संकेत है, लेकिन कुछ सेगमेंट में चुनौतियां भी बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय लेने की सलाह दी जाती है।

Show More

Related Articles

Back to top button