Republic Day 2026 : ‘बेटियां आगे बढ़ रहीं, युवा दे रहे देश को नई दिशा’, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन

Republic Day 2026 : गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। बेटियों की उपलब्धियों, युवाओं की भूमिका, आर्थिक विकास और संविधान की शक्ति पर दिया जोर।

Republic Day 2026 : भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन में देश की लोकतांत्रिक यात्रा, संवैधानिक मूल्यों और समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं और युवा भारत को नई दिशा दे रहे हैं।

राष्ट्रपति ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत ने बीते वर्ष अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नागरिकों से एकता, समावेशिता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

संविधान और लोकतंत्र की शक्ति पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणतंत्र बना। संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्श आज भी देश की दिशा तय कर रहे हैं। उन्होंने संविधान को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया।

वंदे मातरम और राष्ट्रवाद की भावना

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके नारे ‘जय हिंद’ को भी उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

प्रवासी भारतीयों और नवाचार की सराहना

राष्ट्रपति ने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप, नवाचार, जैविक खेती और सतत विकास को भारत के भविष्य के प्रमुख स्तंभ बताया।

बेटियों और महिलाओं की उपलब्धियां

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश की बेटियां खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि 57 करोड़ जन-धन खातों में से 56 फीसदी महिलाओं के नाम हैं और 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। महिला क्रिकेट टीम और शतरंज जैसे खेलों में भारत की उपलब्धियों को उन्होंने नारी शक्ति का प्रतीक बताया।

आर्थिक विकास पर भरोसा

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और निकट भविष्य में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम और पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से महिला नेतृत्व वाला विकास और मजबूत होगा। महिलाओं का स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण विकसित भारत की नींव है।

Show More

Related Articles

Back to top button