
Parliament News: संसद में सोमवार को दिनभर मोदी सरकार विपक्ष के तीखे हमलों से घिरी नजर आई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर सरकार को घेरा, तो वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर (SIR) को लेकर केंद्र पर आक्रामक रुख अपनाया। इन मुद्दों पर विपक्ष के तेवर इतने तीखे थे कि सरकार बैकफुट पर दिखने लगी।
हालांकि, दिन ढलते-ढलते सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सोमवार देर शाम भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने की खबर सामने आई, जिसने पूरे राजनीतिक नैरेटिव को पलट दिया। संसद के अंदर उठे सवाल और विपक्ष के हमले अचानक हाशिए पर चले गए और चर्चा का केंद्र भारत की अर्थव्यवस्था व वैश्विक कूटनीति बन गई।
सरकार की ओर से इस डील को भारत के लिए बड़ी आर्थिक उपलब्धि बताया गया। माना जा रहा है कि इस समझौते से भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी और निवेश व रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। वहीं, सत्तापक्ष के समर्थक इसे मोदी सरकार की वैश्विक नेतृत्व क्षमता के प्रमाण के तौर पर पेश कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस समय विपक्ष सरकार को घेरने में सफल होता दिख रहा था, उसी समय आई यह ट्रेड डील मोदी सरकार के लिए डैमेज कंट्रोल के साथ-साथ पॉजिटिव बूस्टर साबित हुई। नतीजतन, राहुल गांधी और ममता बनर्जी के उठाए गए मुद्दे दिन की बड़ी सुर्खियां बनने से पहले ही फीके पड़ गए।
कुल मिलाकर, सोमवार का दिन यह दिखाने के लिए काफी रहा कि भारतीय राजनीति में मुद्दों के साथ-साथ टाइमिंग और नैरेटिव भी उतने ही अहम होते हैं।



