
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की पहल ‘स्किल द नेशन’ AI स्किलिंग चैलेंज का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वैश्विक अर्थव्यवस्था और समाज को नए सिरे से आकार दे रहा है और भारत जैसे युवा देश के लिए यह बड़े अवसर लेकर आया है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इस चैलेंज का उद्देश्य AI लर्निंग और इनोवेशन में बड़े पैमाने पर भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। यह पहल लाखों शिक्षार्थियों की क्षमताओं को निखारने और भारत में भविष्य के लिए तैयार, कुशल वर्कफोर्स विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि AI दुनिया भर में सीखने, काम करने, सेवा वितरण और समस्याओं के समाधान के तरीकों को तेजी से बदल रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि टेक्नोलॉजी का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने, समावेश को बढ़ावा देने और सभी के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए किया जाए। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि AI के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचने चाहिए, खासकर हाशिए पर मौजूद समुदायों तक।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘स्किलिंग फॉर AI रेडीनेस (SOAR)’ पहल के तहत ऑनलाइन मॉड्यूल पूरा करने वाले छात्रों और सांसदों को AI सर्टिफिकेट भी प्रदान किए। इन पाठ्यक्रमों में 10–15 घंटे के शुरुआती कोर्स से लेकर 30–60 घंटे के व्यापक कार्यक्रम शामिल हैं, जिनमें AI के मूल सिद्धांत, डेटा साइंस, एनालिटिक्स और एप्लाइड AI स्किल्स पर प्रशिक्षण दिया गया है।
अब तक SOAR पहल के तहत नामांकित 1,59,732 प्रतिभागियों में से 14,938 शिक्षार्थियों को सर्टिफाइड किया जा चुका है। ये सर्टिफिकेशन स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत माइक्रोसॉफ्ट और HCL टेक जैसे इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से दिए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने ओडिशा के रायरांगपुर में IGNOU क्षेत्रीय केंद्र और स्किल सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पहल को AI युग में नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।



