
प्रयागराज। पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ द्वारा प्रयागराज जिले के मेजा तहसील में ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ विषय पर ग्रामीण मीडिया कार्यशाला एवं वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा, सुशासन और समृद्धि की अवधारणा को मजबूत करते हुए आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण को बढ़ावा देना रहा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा की 100 दिन की व्यवस्था से आगे का कदम है।
पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, उत्तर प्रदेश के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि यह कानून सेवा, सुशासन और समृद्धि की अवधारणा पर आधारित है और इसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम में पूर्व उप शिक्षा निदेशक अशोक नाथ तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार एवं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश मिश्रा और बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप शुक्ल ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने डिजिटल भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-टैगिंग और सोशल ऑडिट जैसी व्यवस्थाओं के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि 24 से 28 जनवरी 2026 तक पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय में ‘इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच प्रोग्राम’ के तहत पांच दिवसीय प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।



