
Pratapgarh News-प्रतापगढ़ के थाना देल्हूपुर क्षेत्र में सामने आई कथित लूट की घटना का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह लूट असल में सोना-चांदी के कारोबारी द्वारा खुद रची गई फर्जी साजिश थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था मामला?
दिनांक 6 फरवरी 2026 को अमेठी निवासी एक ज्वैलर्स ने पुलिस को सूचना दी थी कि प्रयागराज से लौटते समय देल्हूपुर क्षेत्र के जंगल के पास अज्ञात बदमाशों ने उसकी कार रोककर 9.60 लाख रुपये नकद और 3 किलो चांदी लूट ली है। इस संबंध में देल्हूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच में कैसे खुला राज?
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देश पर कई टीमों का गठन किया गया।
पुलिस ने
- सीसीटीवी फुटेज
- मोबाइल सर्विलांस
- तकनीकी साक्ष्य
के आधार पर जांच की, जिसमें मामला संदिग्ध पाया गया। गहन पूछताछ में सामने आया कि लूट की कहानी खुद कारोबारी और उसके साथियों ने मिलकर बनाई थी।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- रितेश मौर्य – अमेठी निवासी
- अवनीश तिवारी उर्फ आयुष तिवारी – प्रतापगढ़
- अनुज दुबे उर्फ अनोज दुबे – प्रतापगढ़
एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
बरामद सामान
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया:
- ₹9.60 लाख नकद
- 3 किलो चांदी
- एक पिट्ठू बैग
- अवैध तमंचा व कारतूस
- 3 मोबाइल फोन
- घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और टाटा पंच कार
आरोपियों ने क्या बताया?
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि कर्ज और पैसों के लालच में फर्जी लूट की योजना बनाई गई थी, ताकि बीमा और अन्य माध्यमों से लाभ उठाया जा सके। लूट की कहानी जानबूझकर रची गई थी ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
आगे की कार्रवाई
बरामदगी और बयान के आधार पर मुकदमे में धोखाधड़ी, साजिश और आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता – यूनाइटेड भारत



