
Road Safety Issue Parliament: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने देश के विभिन्न शहरों में खुले और असुरक्षित गड्ढों के कारण हो रही युवाओं की दर्दनाक मौतों का मुद्दा संसद सत्र में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की।
सांसद तिवारी ने कहा कि निर्माण कार्यों के नाम पर कई स्थानों पर खुले में गड्ढे खोद दिए जाते हैं, लेकिन वहां न तो बैरिकेडिंग की जाती है, न पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होती है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं। यह घोर लापरवाही आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 5 फरवरी को दिल्ली में जल बोर्ड द्वारा खोदे गए असुरक्षित गड्ढे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इसी तरह ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से एक युवक की जान चली गई। उन्होंने कहा कि कई मामलों में राहत और बचाव कार्य भी समय पर और प्रभावी ढंग से नहीं हो पाते, जो बेहद चिंताजनक है।
सांसद तिवारी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच नागरिकों की बुनियादी सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि ऐसे हादसों पर रोक लगाने के लिए सख्त और सुदृढ़ मानक तय किए जाएं तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने देशभर में चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
सांसद प्रमोद तिवारी का यह बयान मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी किया गया।
रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, जिला संवाददाता, यूनाइटेड भारत (प्रतापगढ़)



