
नई दिल्ली। संसद में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही पारित कराया जा सकता है। लगातार हंगामे और विपक्ष के विरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार शाम पांच बजे लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देना था। लेकिन राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख की किताब का संदर्भ दिए जाने और विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया। नारेबाजी और अव्यवस्था के चलते पीठासीन संध्या राय ने लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी, जिससे पीएम मोदी का संबोधन टल गया।
बिना पीएम के भाषण के पारित हो सकता है प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार लोकसभा में प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी कर रही है। राहुल गांधी द्वारा सदन में पूर्व सेना प्रमुख की किताब से जुड़े मुद्दे उठाए जाने के बाद से लगातार गतिरोध बना हुआ है, जिससे लोकसभा की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है।
राज्यसभा में देंगे पीएम जवाब
सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दे सकते हैं। इसके बाद दोनों सदनों से धन्यवाद प्रस्ताव को औपचारिक रूप से पारित कराया जाएगा।
लोकसभा में बजट चर्चा की तैयारी
धन्यवाद प्रस्ताव के बाद गुरुवार से लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने की संभावना है। हालांकि विपक्ष के रुख और सदन के माहौल को देखते हुए आगे भी सियासी टकराव जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।



