
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए इस बार भारत के तेजी से उभरते विंटर टूरिज्म पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत प्राकृतिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधताओं के कारण सर्दियों के पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।
उत्तराखंड- विंटर टूरिज्म का नया केंद्र
पीएम मोदी ने खास तौर पर उत्तराखंड का उल्लेख करते हुए कहा कि औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें सर्दियों में पर्यटकों की पहली पसंद बन रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां की बर्फीली चोटियां, धूप, कोहरा और शांत वातावरण लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण हैं।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में डेस्टिनेशन वेडिंग्स का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है। पहलगाम, गंगा तट और अन्य हिल स्टेशन आज वेड-इन-इंडिया अभियान के प्रमुख स्थल बन रहे हैं।
एविएशन और स्पेस सेक्टर में नई उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दिनों भारत ने एविएशन सेक्टर में मेन्टेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाया है। आईएनएस माहे को नौसेना में शामिल किया गया, साथ ही स्काईरूट के नए इन्फिनिटी कैंपस ने भारतीय स्पेस इंडस्ट्री को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि यह सब भारत की युवा शक्ति और नवाचार क्षमता का उदाहरण है।
कृषि, विज्ञान और तकनीक में प्रगति
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने इस वर्ष 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इसरो की एक अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता का उल्लेख किया, जिसमें युवाओं की टीम ने मंगल जैसी परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने में सफलता हासिल की।
स्थानीय उत्पाद और जीआई टैग
देश के विविध क्षेत्रों की अनोखी पहचान का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर का ‘रामबन सुलाई हनी’ सफेद रंग का दुर्लभ शहद है, जिसे जीआई टैग हासिल है। कर्नाटक के तुमकुरु जिले में ‘शिवगंगा कालंजिया’ का मधुमक्खी पालन मॉडल किसानों के लिए प्रेरक है। नागालैंड में क्लिफ हनी हंटिंग की सदियों पुरानी परंपरा का भी पीएम ने जिक्र किया, जहां मधुमक्खियों के छत्ते ऊंची चट्टानों पर होते हैं।
संस्कृति, इतिहास और विरासत का मान
प्रधानमंत्री ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बने महाभारत अनुभव केंद्र को भी खास बताया, जहां 3D, लाइट एंड साउंड और डिजिटल तकनीक से महाभारत को जीवंत रूप में दिखाया जा रहा है। उन्होंने गुजरात के नवानगर के जाम साहब द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश यहूदी बच्चों को शरण देने के ऐतिहासिक कार्य का भी स्मरण किया, जिसे उन्होंने मानवता की मिसाल बताया।
काशी-तमिल संगमम और अंतरराष्ट्रीय संबंध
पीएम मोदी ने बताया कि 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर चौथा काशी-तमिल संगमम शुरू हो रहा है, जिसकी थीम है – लर्न तमिल – तमिल करकलम्। उन्होंने भूटान और रूस में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भेजे जाने पर भारत के प्रति जताई जा रही कृतज्ञता का भी उल्लेख किया।
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जी-20 के दौरान दिए गए सांस्कृतिक उपहारों – नटराज की प्रतिमा, चांदी का अश्व और सिल्वर बुद्ध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये भारत की विविध शिल्पकला और विरासत का प्रतीक हैं।



