
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम 6:30 बजे सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होगी, जिसमें देश की तैयारियों और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय संकट का देश पर न्यूनतम असर पड़े। हालांकि, जिन राज्यों में आचार संहिता लागू है, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से की जाएगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने संसद में भी पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की थी। उन्होंने देश में तेल और गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ जहाजों और भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना का जिक्र किया था। साथ ही उन्होंने राज्य सरकारों को जमाखोरी रोकने और आवश्यक वस्तुओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि संकट के समय काला बाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने राज्यों से अपील की कि आम जनता को महंगाई से बचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए सरकार ने एक ‘इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप’ का गठन किया है। इसके अलावा सरकार एलपीजी के साथ-साथ पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, ताकि घरेलू गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।



