
State News: पूर्णिया के सांसद और निर्दलीय नेता पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे बिहार की राजनीति और मीडिया में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक, पप्पू यादव को पहले पटना के इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (IGIMS) ले जाया गया था, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल में उनकी देखरेख विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही है और उनकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी 31 साल पुराने 1995 के एक मामले के तहत की गई। इस मामले में आरोप है कि उन्होंने पटना में किराए के घर का इस्तेमाल सांसद कार्यालय के रूप में किया। यह मामला पटना के गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज था। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों में चिंता और आक्रोश देखा गया, वहीं पुलिस ने उन्हें स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य स्थिति के चलते IGIMS में प्रारंभिक इलाज दिया गया, लेकिन गंभीरता को देखते हुए उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया।
अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि पप्पू यादव की तबीयत पहले से ही खराब थी और गिरफ्तार होने के बाद उनका स्वास्थ्य और बिगड़ गया। IGIMS में प्राथमिक जांच और उपचार किया गया, लेकिन बेहतर देखभाल और उच्च निगरानी के लिए PMCH में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति का लगातार निरीक्षण कर रही है और सभी जरूरी उपचार सुनिश्चित कर रही है।
राजनीतिक और कानूनी परिप्रेक्ष्य में यह मामला काफी संवेदनशील माना जा रहा है। पप्पू यादव को कोर्ट में पेश किया जाना है, जहां यह तय होगा कि उन्हें जेल भेजा जाएगा या उन्हें जमानत दी जाएगी। गिरफ्तारी और अस्पताल शिफ्टिंग को लेकर समर्थकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं और बेहतर इलाज की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की सियासत को एक नया मोड़ दे दिया है।
गौरतलब है कि पप्पू यादव के समर्थक और राजनीतिक सर्कल इस मामले को काफी राजनीतिक रूप से गर्म मान रहे हैं। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में लगातार उनके स्वास्थ्य और गिरफ्तारी की अपडेट्स साझा की जा रही हैं। कई समर्थक उनके उपचार और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि उनके स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए विशेषज्ञ टीम पूरी तरह मुस्तैद है। प्राथमिक इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं देखा गया, इसलिए उन्हें PMCH ले जाया गया। अस्पताल में उनकी देखभाल के लिए पर्याप्त संसाधन और मेडिकल टीम मौजूद है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति कितनी गंभीर है, लेकिन विशेषज्ञ उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस घटना ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। पप्पू यादव के खिलाफ यह मामला तीन दशक पुराना है और अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की। गिरफ्तारी के समय और बाद में समर्थकों ने अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा की सख्ती बरती और अस्पताल परिसर में निगरानी बढ़ा दी।
समाचार एजेंसियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार, पप्पू यादव की स्वास्थ्य स्थिति में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है, इसलिए उन्हें उच्च स्तर की देखभाल की जरूरत है। IGIMS में प्राथमिक जांच के बाद PMCH शिफ्ट किया जाना यह संकेत है कि उनका स्वास्थ्य फिलहाल जोखिम में है और विशेषज्ञ उपचार आवश्यक है।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार के राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है। पप्पू यादव की गिरफ्तारी, स्वास्थ्य बिगड़ने और अस्पताल शिफ्टिंग की खबर ने जनता और मीडिया में चर्चा का विषय बना दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल कानून का नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
Written By: Anushri Yadav



